स्वयंभू ब्लैकमेलर पत्रकार गिरोह का बड़ा खुलासा, जो मोहन कंपलेक्स में चकला चलाने के लिए अतिक्रमणकारियों के सहयोग से दो कमरों पर कब्जा करने कर ली थी तैयारी, पूर्व पेशेवर महिलाओं को गिरोह में शामिल कर वेश्यावृत्ति की धंधा करने का था प्रोग्राम

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला में पत्रकारिता के आड़ में ब्लैकमेलर गिरोह चलाने वाले स्वयंभू पत्रकार गिरोह अब तक ब्लैक मेलिंग का धंधा कर रहा था। इसमें कुछ पुलिसकर्मियों का भी संरक्षण प्राप्त था। जिसके कारण इस ब्लैकमेलर पत्रकार गिरोह का मनोबल बढ़ा हुआ है।अब यह गिरोह अपने नौकर नौकरानी और पूराने धंधेबाज महिला और पुरुष को मिलाकर नया गठजोड़ बनाया है। जिसके तहत साकची थाना स्थित मोहन कॉन्प्लेक्स में दो कमरों पर कब्जा कर, यहां चकला चलाने का योजना बनी थी। लेकिन होटल ग्रांड की संरक्षक एवं अधिवक्ता संजय कुमार सिंह के चलते इनके सारे प्रयासों पर पानी फिर गया है। अब यह होटल ग्रांड और संजय कुमार सिंह, उनकी फैमिली और इसके विरुद्ध लिखने वाले पत्रकारों पर कीचड़ उछाल रहा है। जिससे ये लोग ब्लैकमेलरों के प्रयोजन में बाधा ना डाल सके।
न्यूज़ लहर ने वादा किया था की स्वयंभू पत्रकार और अपनी भाभी के आबरु से खेलने वाले कुकर्मी विनोद सिंह तथा इनके सारे सहयोगियों का पोल खोलेगा। न्यूज़ लहर के पास इनके कुकर्मों का गवाह उपलब्ध है। जब जिला प्रशासन मांग करेगी तो उन गवाहों को पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
अब बात मोहन कॉन्प्लेक्स के अतिक्रमणकारियों की,जो एक दुकानदार संघ का गठन किया है।वे जानते हैं कि आज नहीं तो कल अधिवक्ता संजय कुमार सिंह मोहन कॉन्प्लेक्स को इन अतिक्रमण से मुक्त करा देंगे। जब अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने अपनी पत्नी के नाम से मोहन कॉन्प्लेक्स के कुछ हिस्सों को खरीदा था, तो इन अतिक्रमणकारियों ने संजय कुमार सिंह को भगाने के लिए हर हथकंडे अपनाए थे। जिसमें वे सफल नहीं हो पाए।चुकी अधिवक्ता होने के कारण संजय कुमार सिंह वैध अवैध की जानकारी रखते हैं। इसलिए इन्होंने मोहन कम्प्लेक्स के कुछ हिस्सों को वैध तरीके से खरीदा।वही यहां अनेक दुकानदार मोहन बनर्जी और उनकी मां जुटिका बनर्जी को डरा धमका कर उनके संपत्ति पर कब्जा जमा लिया। कब्जा करने वालों में कुछ दुकानदार और नेता भी शामिल थे।उनमें से एक नेता अपनी रखैल को रखकर यहां वेश्यावृत्ति कराने लगे। उस दौरान तीन युवतियों का गिरोह था। उनके कमाई का एक भाग अतिक्रमणकारी नेता को भी जाता था।उन युवतियों में से एक की मौत हो गई है।एक ने सीतारामडेरा के युवक से विवाह कर लिया है। वहीं एक युवती को नेताजी अपने हरम में रखा हैं । जिससे दो नजायज बच्चे हुए।अब वही महिला का स्वयंमू पत्रकार बने विनोद सिंह के साथ सांठगांठ हो गया है। उस महिला ने वेश्यावृत्ति के आड़ में होने वाली कमाई की पूरी जानकारी दी है ।चुकी यह गिरोह ब्लैक मेलिंग करके शहर से पैसे की उगाही कर रहा था। जिसके संबंध में न्यूज़ लहर ने लिखना शुरू किया, तो इनकी कमाई लगभग बंद हो चुका है।अब यह नए धंधे में उतरने के लिए प्रयास थे। इसलिए अपने गिरोह में मेंस ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली युवती को और मोहन कॉन्प्लेक्स में रहने वाली पूर्व धंधे में लगी महिला को मिलाकर एक नया गिरोह बनाया है। न्यूज़ लहर ने शनिवार को इन कुकर्मियों से पूछा था सुनैना, मुनी सिंह की पत्नी और सुखविंदर सिंह @ टोनी ,बिरेन्द्र, प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले विनोद सिंह से क्या संबंध है बताएं ?लेकिन उनके मुंह से बकार तक नहीं निकला। यह जानते हैं कि अगर यह कुछ कहेंगे तो सारा भेद खुल जाएगा।ये सारे लोग उस समय चलने वाले धंधा के वेस्ट ग्राहक थे।इनको डिस्काउंट मिलता था।अब सारे लोग बूढ़े हो चले हैं। हमारे सुधी पाठक समझ सकते हैं इन महिलाओं का उन से क्या संबंध रहा होगा ?न्यूज़ लहर किसी पर कीचड़ नहीं डालना चाहता है।लेकिन इशारों इशारों में यह बताना चाहता है जो अपनी भाभी के साथ कुकर्म करके और समाज में सीना ताने घूम रहा है। वह आदमी किस हद तक जा सकता है। यह सोचने की बात है।
वही झाड़ू पोछा लगाने वाली नौकरानी अदिति सिंह को शर्ट और जींस पहना कर, गले में पट्टा लटका कर, उसके साथ अपने नौकर इंद्रजीत सिंह भुल्लर को बैठा कर हाथ में माइक आईडी पकड़ा कर मार्केट में पैसा वसूलने के लिए भेज सकता है, तो वह मोहन कॉन्प्लेक्स के दो रूम में कब्जा करने के बाद वहां क्या करवा सकता है। यह तो सोचने की बात है।
इसी ग्रुप में अविनाश शर्मा भी हैं जो साइबर आपरोपी के रूप में पहचाने गए हैं। शहर के अनेक लोगों के गाड़ी कमाई को इनके गिरोह ने उड़ाए है। इस संबंध में एमजीएम थाना और साइबर थाना में मामला दर्ज है।अब उस मामले का कोर्ट में ट्रायल भी शुरू हो गया है। यह लोग पुलिस कर्मियों को प्रभावित करके केस को रफा-दफा करने में लगे हुए हैं। तभी तो अविनाश शर्मा ने लोगों से कहा है कि उसका केस FRT हो गया है। यह सोचने का विषय है।अभी केस में ट्रायल और जांच जारी है। उसके पहले ही अविनाश शर्मा कैसे कह दिया कि वह बरी हो गया है। जाहिर है कि उसने जांच अधिकारी को किसी लालच के तहत प्रभावित किया है।तब तो वह समाज में अपने आप को निर्दोष बताते हुए घूम रहा है और स्वयंभू पत्रकार बन बैठा है।
नोट: न्यूज़ लहर के पास मोहन कॉन्प्लेक्स में कब्जा करने वाले नेता और चमड़ा का धंधा करने वाले सभी का नाम है।अब विनोद सिंह और उसके नौकर नौकरानी के साथ अन्य नाम जूड़ गया है। ऐसे समाज के कुकर्मी और कोड़ से सचेत रहें।उन्हें अपने समाज से बहिष्कृत करें।