स्वार्थी तत्व दक्षिण बिहार की सिंह सभाओं का कर रहे विरोध, संस्थाओं के निबंधन पर तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहेब का संविधान मौन

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित जमशेदपुर में राष्ट्रीय सनातनी सिख सभा के संयोजक सरदार कुलविंदर सिंह ने पटना के अमरजीत सिंह पर स्वार्थी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे तत्व बेवजह, गैर संवैधानिक आरोप लगाकर दक्षिण बिहार और खासकर झारखंड के सिख संस्थाओं और गुरुद्वारों की सिंह सभाओं (गुरुद्वारा कमेटी) को उनके मतदान के संवैधानिक अधिकार को खत्म कर देना चाहते हैं।
सरदार कुलविंदर सिंह के अनुसार तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के संविधान की धारा 4 की उपधारा (ख ) के अनुसार कोई बोनाफाइड संस्था/सिंह सभा तख्त श्री हरमंदिर जी साहेब का उत्तरी बिहार निर्वाचन क्षेत्र 4 एवं दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र 5 में बतौर मतदाता निबंधित होगी।
यहां बोनाफाइड का अर्थ पटना के अमरजीत सिंह लगा रहे हैं कि संस्था ट्रस्ट अथवा सोसाइटी एक्ट के तहत निबंधित होनी चाहिए। लेकिन मतदाता के रूप में आवेदन दिए जाने वाले फॉर्म में कॉलम नहीं दिया गया था कि संस्था ट्रस्ट अथवा सोसाइटी एक्ट के तहत निबंधित है अथवा नहीं। यहां यह भी बताना उचित होगा कि तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब की वर्तमान कमेटी प्रधान सरदार जगजोत सिंह सोही और महासचिव सरदार इंदरजीत सिंह के बीच बंटी हुई नजर आ रही है यही कारण है कि दक्षिण बिहार से जिन सिंह सभाओं एवं संस्थाओं ने मतदाता के तौर पर अंकित होने का आवेदन दिया है उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अमरजीत सिंह एवं उनके साथी यह समझ रहे हैं कि यह सारे अपने मतों का प्रयोग सरदार इंदरजीत सिंह के पक्ष में करेंगे, जबकि सच्चाई इससे परे भी हो सकती है।
महासचिव की ओर से इन संस्थाओं के भौतिक सत्यापन के लिए दो सदस्य टीम जमशेदपुर पहुंची थी और यहां उन्होंने रामगढ़िया सभा विशाल भवन एवं निबंधित कमेटी, राष्ट्रीय सनातनी सिख सभा कार्यालय, मुख्यमंत्री एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा कई प्रशस्ति पत्र हासिल कर चुकी संस्था झारखंड सिख विकास सभा, सेंट्रल स्त्री सत्संग सभा एवं सेंट्रल सिख नौजवान सभा के बारे में जानकारी ली और मुआयना किया।
भौतिक सत्यापन में सही पाए गए संस्थाओं पर भी पटना निर्वाचन क्षेत्र संख्या एक के अमरजीत सिंह द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं जबकि यह आपत्ति निर्वाचित क्षेत्र संख्या 5 के किसी सिंह सभा या संस्था के द्वारा ही उठाया जाना चाहिए था जिसकी अनदेखी की जा रही है। यहां उल्लेखनीय है कि बुधवार को 26 जुलाई को मतदाता की अंतिम सूची का प्रकाशन होना है उसके बाद ही प्राधिकार निर्वाचन की अधिसूचना जारी करेगा।