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ब्रेकिंग लोकसभा में गिरा INDIA गठबंधन का अविश्वास प्रस्ताव, मोदी सरकार की जीत,अधिरंजन चौधरी निलंबित

न्यूज़ लहर संवाददाता
नई दिल्ली:पीएम मोदी के संबोधन के बाद लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई।अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया। इसके बाद संसद को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वही कांग्रेस के सांसद सह विपक्ष के नेता अधिरंजन चौधरी को सदन में खराब व्यवहार के कारण निलंबित कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं। इसमें उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है। इससे पहले कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ये अविश्वास प्रस्ताव की ताकत है कि हम पीएम मोदी को सदन तक खींच लाए।
इससे पहले गुरुवार को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने जवाब दिया।इसके बाद AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मणिपुर मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने देशभर में मुसलमानों के साथ अत्याचार की बात कही।ओवैसी ने चीन और हरियाणा में नूंह का मुद्दा भी उठाया।इसके बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मणिपुर हिंसा पर सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि किस राज्य में थानों से 5 हजार हथियार और लाखों गोलियां लूटी गईं।

अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में मंगलवार से तीखी बहस जारी है। बुधवार को कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने चर्चा में हिस्सा लिया।उन्होंने मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।इस दौरान राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की गई। हिंदुस्तान में भारत माता की हत्या की गई। मणिपुर को दो हिस्सों में बांट दिया गया।वहीं, राहुल के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और इसके बाद अमित शाह ने जवाब दिया।ईरानी ने कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार और 1984 के सिख दंगों की घटनाओं का जिक्र कर कहा कि इनका इतिहास खून से सना है।वहीं, अमित शाह ने मणिपुर की ताजा स्थिति पर बात की।
पीएम मोदी बोले कि विपक्ष के साथियों की एक बात के लिए तारीफ करना चाहता हूं। वैसे वो सदन के नेता को नेता नहीं मानते।लेकिन मैं उनकी एक बात के लिए उनकी तारीफ करूंगा। सदन के नेता के नाते मैंने उनको एक काम दिया था।
मैंने कहा था कि 2023 में अविश्वास प्रस्ताव लेके आओ। वो लोग लेकर आए। मेरी बात मानी उन्होंने। लेकिन मुझे दुख इस बात का है कि उनको पांच साल मिले।थोड़ा अच्छा करते। थोड़ी तैयारी करते। ना मुद्दे खोज पाए। देश को इन्होंने निराश किया है।2028 में फिर कोशिश कीजिएगा। जब 2028 में प्रस्ताव लेके आएं तो तैयारी करके आना। ऐसे घिसी-पिटी बातें लेकर मत आना, देश को लगे कि कम से कम आप विपक्ष के योग्य हो, आपने वो योग्यता भी खो दी।

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