चन्द्रयान-3: अपने मिशन से दो कदम दूर चंद्रयान-3, चांद की सतह के और करीब पहुंचा, ISRO ने बताया कितनी दूरी बची

न्यूज़ लहर संवाददाता
नई दिल्ली:भारत का मिशन मून ‘चंद्रयान-3’ अपने हर कदम पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अब इसरो (ISRO) ने बड़ा अपडेट देते हुए बताया है कि चंद्रयान चांद की सतह के और करीब पहुंचा गया है। इसी के साथ यह भी बताया कि अब चंद्रमा से उसकी कितनी दूरी है।
इसरो की ओर से जारी किए गए अपडेट के मुताबिक सोमवार (14 अगस्त) को तीसरी बार चंद्रयान-3 की ऑर्बिट घटी है। चंद्रयान 150 Km x 177 Km की ऑर्बिट में आ चुका है। जिसका मतलब है कि इसरो का चंद्रयान-3 चांद की ऐसी कक्षा में घूम रहा है, जिसमें चांद से सबसे कम दूरी 150 किमी और सबसे ज्यादा दूरी 177 किमी है।
इसको ने फोटो साझा करते हुए बताया कि ऑर्बिट सर्कुलेशन फेज शुरू हो चुका है। आज किए गए सटीक युद्धाभ्यास ने 150 किमी x 177 किमी की निकट-गोलाकार कक्षा (near-circular orbit )हासिल की है। अगले ऑपरेशन की योजना 16 अगस्त, 2023 को लगभग सुबह 08.30 बजे के लिए बनाई गई है।
*चंद्रयान का ऑर्बिट सर्कुलराइजेशन फेज शुरू*
इससे पहले अपने एक और ट्वीट में राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने कहा कि इसरो द्वारा अंतरिक्ष यान के एक और सफल संचालन के साथ चंद्रयान -3 सोमवार को चंद्रमा की सतह के करीब पहुंच गया। एजेंसी ने बताया कि अंतरिक्ष यान ने अब चंद्रमा के चारों ओर “निकट-गोलाकार कक्षा” हासिल कर ली है।
बता दें कि अब चंद्रयान का ऑर्बिट सर्कुलराइजेशन फेज शुरू हो गया है। जिसका मतलब है कि यान अंडाकार कक्षा से गोलाकार कक्षा में जाने लगा है। इसरो ने मुताबिक अब 16 अगस्त को सुबह 08:30 बजे अगला ऑपरेशन होगा।
*17 और 23 अगस्त काफी अहम*
मालूम हो कि 17 अगस्त और 23 अगस्त मून मिशन के लिए काफी अहम दिन है। 17 अगस्त को चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को इसरो लैंडर से अलग करेगा। वहीं 23 अगस्त को शाम करीब 05:30 बजे लैंडर चांद की सतह पर लैंड करेगा। जो कि चांद की सतह पर जाकर वहां का अध्ययन कर भारत को नए कीर्तिमान रचने में मदद करेगा।