प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वेतन और सम्पत्ति कितना है???

न्यूज़ लहर संवाददाता
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिंदगी के 73 साल का सफर आज पूरा कर लिया है। सियासत में कदम रखने के बाद नरेंद्र मोदी ने पलटकर नहीं देखा, बल्कि सियासी बुलंदियों पर चढ़ते गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 17 सितंबर को अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं। पीएम मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर 1950 को हुआ था। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने से की।
पीएम मोदी भारतीय जनता पार्टी के ऐसे नेता हैं, जो पिछले 22 साल से लगातार संवैधानिक पद पर बने हैं। 2001 में नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए। 13 साल तक लगातार सीएम रहने के बाद 2014 में प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद दिल्ली आए। भारत के प्रधानमंत्री के वेतन की बात की जाए तो वर्तमान में उनका वेतन करीब 19-20 लाख रुपये सालाना के आसपास है। ऐसे में भारत के प्रधानमंत्री का मासिक वेतन करीब 1.60 लाख 2 लाख रुपये के आसपास हो जाता है।
भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को खास तरीके से मनाने की योजना बनाई है तो वहीं खुद पीएम मोदी अपने जन्मदिन को सादगी से मनाते आए हैं। पिछले जन्मदिन पर 2022 में, प्रधान मंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में आठ आयातित चीतों को छोड़ा था। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर बीजेपी सेवा पखवाड़ा मना रही है। कई जगहों पर बीजेपी द्वारा आज रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर मार्च 2022 तक आय और संपत्ति के विवरण के अनुसार, पीएम मोदी के पास 2.23 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जिसमें ज्यादातर बैंक जमा शामिल हैं। पीएमओ के खुलासे से पता चलता है कि उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है और गांधीनगर में उनकी जमीन पीएम मोदी के जरिए दान कर दी गई थी। बता दें कि 8 साल की उम्र में ही नरेंद्र मोदी ने आरएसएस के जूनियर कैडर को ज्वाइन कर लिया था। इस दौरान उनके मार्गदर्शक और गुरु बने लक्ष्मणराव इनामदार।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर विश्वकर्मा जयंती भी है। पीएम मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा’ की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही वे द्वारका में ‘यशोभूमि’ नाम के इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) के पहले चरण और दिल्ली मेट्रो के एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के विस्तारित खंड का भी उद्घाटन करेंगे।
पीएम मोदी को जब गुजरात की कमान सौंपी गई तो उसे बीजेपी का अभेद दुर्ग बना दिया और देश के पीएम बने तो पार्टी को दो बार पूर्णबहुमत से जीत ही नहीं, दिलाई बल्कि बीजेपी के एजेंडे को भी अमलीजामा पहनाने का काम किया। फिलहाल 2024 में नरेंद्र मोदी के लिए चुनौती बड़ी है, क्योंकि विपक्षी I.N.D.I.A.बनाकर लामबंद हो चुका है। वैसे नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन का एक रेकॉर्ड है कि सत्ता में आने में आने के बाद वह न तो व्यक्तिगत तौर से चुनाव नहीं हारे और न ही पार्टी उनके नेतृत्व में हारी। गुजरात में भी बतौर सीएम वह जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं।
नरेंद्र मोदी अगले साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने में सफल रहते हैं तो वो तीसरी बार सत्ता में ही नहीं आएंगे बल्कि एक नया इतिहास भी रचेंगे, जिसे न तो इंदिरा गांधी कर सकी और न ही राजीव गांधी। वो है लगातार तीन बार चुनाव जीतकर पीएम बनने का। 7 अक्टूबर 2001 में जब पहली बार नरेंद्र मोदी पहली बार मुख्यमंत्री बने तब गुजरात भूकंप के झटकों से सहमा हुआ था। केशुभाई पटेल के इस्तीफे के बाद बीजेपी में भी खलबली मची थी। सत्ता संभाले 6 महीने ही हुए थे कि 27 फरवरी को गोधरा कांड हुआ और 28 फरवरी 2002 से गुजरात दंगों की आंच में झुलस गया। 2002 में विधानसभा चुनाव होने वाला था। नरेंद्र मोदी इस अग्निपरीक्षा में सफल हुए।