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बिहार में जहरीली शराब का कहर, दो की मौत, तीन की आंख की रोशनी गई,दो हिरासत में 

 

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

बिहार:शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब ने फिर कहर बरपाया है। जिले के काजी मोहम्मदपुर थाना के पोखरिया पीर मोहल्ला में नशीला पदार्थ पीने से दो लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोगों के आंख की रोशनी चली गई है। मोहल्ला में कोहराम मचा हुआ है। सूचना मिलने पर काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस मोहल्ला में पहुंचकर छानबीन कर रही है। सीएम नीतीश कुमार पूर्ण शरबबंदी लागू कराने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं पर शराब का कारोबार रुक नहीं रहा है।

आंख की रोशनी जाने से पीड़ित लोगों ने मोहल्ला में ही शराब पीने की बात पुलिस को बताई है। जिसके बाद पुलिस शराब बेचने वाले की तलाश में छापेमारी कर रही है। मोहल्ला के तीन लोगों पर शराब बेचने का आरोप है। वह लोग घर छोड़कर फरार हो चुके हैं। देसी शराब बेचने के आरोपी शिवचंद्र पासवान की पत्नी और बेटी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है जबकि शिवचंद्र पासवान फरार है।

आंख की रोशनी चले जाने से पीड़ित धर्मेंद्र राम ने बताया कि उसने तीन दिन पहले शिवचंद्र पासवान के यहां झमरूवा पिया था। पेट और कलेजा में तेज जलन होने लगी। स्थिति गंभीर हो गई तो इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती हुए। 3 दिनों तक इलाज चलने के बाद आज सुबह अस्पताल से छुट्टी मिली है। आंख की रोशनी चली गई है। कुछ दिखाई नहीं देता है।

मोहल्ला में 55 वर्षीय उमेश शाह की मौत हो गई है। वह घर के रंग पेंट का काम करता था। बेटी सीमा देवी ने बताया कि दो दिनों पहले झमरूवा पीकर घर आए थे। वही 30 वर्षीय पप्पू राम की मौत हो गई है। वह डीजे बजाने का काम करता था। 3 दिन पहले उसने शराब पिया था। मिठनपूरा में एक निजी अस्पताल में इलाज चला। आज सुबह 7:30 बजे उसकी मौत हो गई। वही मोहल्ला में राजू राम की भी आंख की रोशनी चली गई है। उसने 18 सितंबर को झमरुआ पिया था। इसके अलावा शेरपुर मोहल्ला के एक मजदूर के आंख की रोशनी चली गई है।

मृतक के परिजन ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। पुलिस उनके पास गई तो कहा मुझे मुआवजा नहीं चाहिए। आपलोग शराब बेचने वाले पर कार्रवाई करें। शराब की बिक्री पर रोक लगाइए।

इससे पहले जिले के कटरा, कांटी, मनियारी, पारू, साहेबगंज, मीनापुर प्रखंडों में जहरीली शराब से मौत की कई घटनाएं हो चुकी हैं। मुजफ्फरपुर के अलावे प्रदेश के छपरा, मोतिहारी, गोपालगंज, बेतिया, वैशाली, बेगूसराय समेत कई जिलों में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में मौत हो चुकी हैं। बिहार में शराबबंदी को लेकर विपक्षी दलों द्वारा बार बार सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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