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अवैध नर्सिंग होम एवं क्लिनिक पर होगी कार्रवाई, आयुक्त ने सिविल सर्जन को दिये निदेश विश्रामपुर प्रखंड क्षेत्र में बच्ची की मौत मामले पर आयुक्त गंभीर

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:प्रमंडलीय आयुक्त मनोज जायसवाल ने अवैध नर्सिंग होम एवं क्लिनिक के संचालन पर रोक लगाते हुए संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निदेश दिया है। उन्होंने विश्रामपुर प्रखंड क्षेत्र के एक नर्सिंग होम में इंजेक्शन देने के बाद बच्ची की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है। इस संदर्भ में उन्होंने पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिंह को तत्काल इस मामले की गहन जांच कर संचालक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का निदेश दिया है। उन्होंने अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम एवं क्लिनिकों को चिन्हित कर कार्रवाई करते हुए 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निदेश दिया है। साथ ही पंजीकृत नर्सिंग होम एवं क्लिनिकों में तैनात चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों की शैक्षणिक स्तर एवं अनुभव की भी जांच सुनिश्चित करने, भ्रूण की लिंग जांच पर रोक लगाने का सख्त निदेश दिया। वहीं भ्रूण की लिंग जांच में संलिप्त अल्ट्रासाउंड संचालकों एवं संबंधित चिकित्सकों पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। आयुक्त ने बिना लाइसेंस दवा दुकानों के संचालन एवं एक फॉर्माशिस्ट की डिग्री व प्रमाण पत्र पर दो या दो से अधिक दवा दुकानों के संचालन को अवैध घोषित करते हुए कानूनी कार्रवाई करने का निदेश दिया। आयुक्त ने पलामू सिविल सर्जन को निदेशित किया कि वे जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ शीघ्र बैठक कर उनसे इस बात का प्रमाण पत्र लेना सुनिश्चित करें, कि उनके क्षेत्र में एक भी अवैध नर्सिंग होम या क्लीनिक का संचालन नहीं होता है। अवैध रूप से नर्सिंग होम एवं क्लीनिक के संचालन को लेकर स्वयं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जिम्मेवार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई हेतु कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से झोलाछाप डॉक्टरों का पता लगाने एवं उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश दिया है।

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