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पानी के लिए 16 अक्टूबर से ग्रामीण सलाई चौक के पास एनएच 33 सड़क जाम अनिश्चितकाल के लिए करेगी योजना को अधूरा छोड़ विभागीय अधिकारी व ठेकेदार आपसी सांठ-गांठ से पूरा पैसे की निकासी कर करोड़ों रूपये का घोटाले की जाँच होनी चाहिए-मुखिया राजू सांडिल न्यूज़ लहर संवाददाता झारखंड:केन्द्र व राज्य सरकार का लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद नक्सल प्रभावित सारंडा स्थित छोटानागरा एवं गांगदा पंचायत के दर्जनों गांवों में पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीण नाराज हैं। इसके विरोध में ग्रामीण 16 अक्टूबर से एनएच-33 सड़क को अनिश्चितकालीन जाम करेंगे। यह सड़क जाम मनोहरपुर-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग पर सलाई चौक के समीप 16 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से सारंडा विकास समिति के बैनर तले किया जायेगा। इस सड़क जाम से एम्बुलेंस, दूध, स्कूल, बारात, गैस सिलेंडर वाहन को मुक्त रखा जायेगा। उक्त जानकारी समिति के अध्यक्ष सह गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने दी। राजू सांडिल ने कहा कि गांगदा एवं छोटानागरा पंचायत के लगभग 24 गांवों में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत ग्रामीणों को घर-घर नल कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल दिया जाना था। लेकिन आज तक कुछ गांवों के कुछ घरों को छोड़ बाकी गांवों व ग्रामीणों के घरों तक पानी कनेक्शन नहीं दिया गया है। न ही गांवों में पानी का पाइप लाइन बिछाया गया है। ऐसी जानकारी मिली है कि इस योजना को अधूरा छोड़ विभागीय अधिकारी व कार्य के ठेकेदार आपसी सांठ-गांठ से पूरा पैसे की निकासी कर करोड़ों रूपये का घोटाला कर ली है। इस करोड़ों रूपये का घोटाले की जाँच होनी चाहिए |योजना से जुड़ी कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं किया गया। पाइप लाइन बिछाने हेतु काफी कम गड्ढा किया गया, जिससे जगह-जगह पाइप फट गया है। पाइप की गुणवत्ता व मोटाई में भी भारी खेल हुआ है। दोदारी से काशिया-पेचा जल मीनार में आज तक पानी नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि दोदारी पेयजल आपूर्ति योजना की प्राक्लित राशी लगभग 15 करोड़ रूपये एवं छोटानागरा पंचायत के बाईहातु पेयजल आपूर्ति योजना की प्राक्कलित राशि लगभग 10 करोड़ रुपये थी। दोनों अधूरी योजनाओं में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार व घोटाला किया गया है। उन्होंने कहा कि पेयजल की समस्या व इस भ्रष्टाचार के खिलाफ बीते 14 मार्च को भी इसी स्थान पर सड़क जाम किया गया था। तब पुलिस-प्रशासन के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में पीएचडी के कार्यपालक अभियंता प्रभु दयाल मंडल ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया था कि गंगदा पंचायत के दोदारी जल मीनार से फस्ट फेज के सभी आठ गांवों में जहां पाइप लाइन बिछा हुआ है, वहां पानी पहुंचाने का कार्य 15 अप्रैल तक पूरा करा दिया जायेगा। काशिया-पेचा गांव स्थित जल मीनार से छह गांवों में दूसरे फेज के तहत पानी पहुंचाने का कार्य पूरा करने में थोड़ा समय लगेगा। छोटानागरा पंचायत के बाईहातु जल मीनार से सभी 10 गांवों में जहां योजना के तहत पाइप लाइन बिछा है, वहां भी 15 अप्रैल तक पानी पहुंचाया जायेगा। जिस गांव में पाइप लाइन नहीं बिछा है, वहां पानी नहीं पहुंचेगा। वैसे गांवों में पानी पहुंचाने के लिए दूसरी व्यवस्था की जायेगी। जिस गांव में पाइप लाइन होने के बावजूद पानी नहीं पहुंच रहा है, वैसे गांवों में मोटर लगाकर पानी पहुंचाने का कार्य होगा। लेकिन दुख की बात यह है कि इस आश्वासन के बावजूद ठेकेदार ने आज तक कोई कार्य नहीं किया। भारी भ्रष्टाचार से जुड़ी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हेतु समिति ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पीएचईडी विभाग के मंत्री, विपक्ष के नेता, सीबीआई, उपायुक्त आदि को भी पत्र लिखा है।

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:केन्द्र व राज्य सरकार का लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद नक्सल प्रभावित सारंडा स्थित छोटानागरा एवं गांगदा पंचायत के दर्जनों गांवों में पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीण नाराज हैं। इसके विरोध में ग्रामीण 16 अक्टूबर से एनएच-33 सड़क को अनिश्चितकालीन जाम करेंगे। यह सड़क जाम मनोहरपुर-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग पर सलाई चौक के समीप 16 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से सारंडा विकास समिति के बैनर तले किया जायेगा।
इस सड़क जाम से एम्बुलेंस, दूध, स्कूल, बारात, गैस सिलेंडर वाहन को मुक्त रखा जायेगा।
उक्त जानकारी समिति के अध्यक्ष सह गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने दी। राजू सांडिल ने कहा कि गांगदा एवं छोटानागरा पंचायत के लगभग 24 गांवों में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत ग्रामीणों को घर-घर नल कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल दिया जाना था। लेकिन आज तक कुछ गांवों के कुछ घरों को छोड़ बाकी गांवों व ग्रामीणों के घरों तक पानी कनेक्शन नहीं दिया गया है। न ही गांवों में पानी का पाइप लाइन बिछाया गया है। ऐसी जानकारी मिली है कि इस योजना को अधूरा छोड़ विभागीय अधिकारी व कार्य के ठेकेदार आपसी सांठ-गांठ से पूरा पैसे की निकासी कर करोड़ों रूपये का घोटाला कर ली है। इस करोड़ों रूपये का घोटाले की जाँच होनी चाहिए |योजना से जुड़ी कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं किया गया। पाइप लाइन बिछाने हेतु काफी कम गड्ढा किया गया, जिससे जगह-जगह पाइप फट गया है। पाइप की गुणवत्ता व मोटाई में भी भारी खेल हुआ है। दोदारी से काशिया-पेचा जल मीनार में आज तक पानी नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि दोदारी पेयजल आपूर्ति योजना की प्राक्लित राशी लगभग 15 करोड़ रूपये एवं छोटानागरा पंचायत के बाईहातु पेयजल आपूर्ति योजना की प्राक्कलित राशि लगभग 10 करोड़ रुपये थी। दोनों अधूरी योजनाओं में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार व घोटाला किया गया है। उन्होंने कहा कि पेयजल की समस्या व इस भ्रष्टाचार के खिलाफ बीते 14 मार्च को भी इसी स्थान पर सड़क जाम किया गया था। तब पुलिस-प्रशासन के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में पीएचडी के कार्यपालक अभियंता प्रभु दयाल मंडल ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया था कि गंगदा पंचायत के दोदारी जल मीनार से फस्ट फेज के सभी आठ गांवों में जहां पाइप लाइन बिछा हुआ है, वहां पानी पहुंचाने का कार्य 15 अप्रैल तक पूरा करा दिया जायेगा। काशिया-पेचा गांव स्थित जल मीनार से छह गांवों में दूसरे फेज के तहत पानी पहुंचाने का कार्य पूरा करने में थोड़ा समय लगेगा।
छोटानागरा पंचायत के बाईहातु जल मीनार से सभी 10 गांवों में जहां योजना के तहत पाइप लाइन बिछा है, वहां भी 15 अप्रैल तक पानी पहुंचाया जायेगा। जिस गांव में पाइप लाइन नहीं बिछा है, वहां पानी नहीं पहुंचेगा। वैसे गांवों में पानी पहुंचाने के लिए दूसरी व्यवस्था की जायेगी। जिस गांव में पाइप लाइन होने के बावजूद पानी नहीं पहुंच रहा है, वैसे गांवों में मोटर लगाकर पानी पहुंचाने का कार्य होगा। लेकिन दुख की बात यह है कि इस आश्वासन के बावजूद ठेकेदार ने आज तक कोई कार्य नहीं किया। भारी भ्रष्टाचार से जुड़ी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हेतु समिति ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पीएचईडी विभाग के मंत्री, विपक्ष के नेता, सीबीआई, उपायुक्त आदि को भी पत्र लिखा है।

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