बिहार में जाति आधारित सर्वे के आंकड़े हुए सावर्जनिक, जाने किसकी क्या है संख्या

न्यूज़ लहर संवाददाता
बिहार: यहां जाति आधारित सर्वे के आंकड़े सावर्जनिक हो गए हैं। बिहार सरकार की तरफ से विकास आयुक्त विवेक सिंह, जिनके पास मुख्य सचिव का प्रभार है ने आज अन्य अधिकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिपोर्ट जारी की। बिहार सरकार की तरफ से बिहार जाति आधारित गणना में कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 बताई गई है। इस जनगणना के मुताबिक, पिछड़ा वर्ग के पास जनगणना का 27 फीसदी हिस्सा है और अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी 36 फ़ीसदी है।
बिहार में जाति आधारित सर्वे रिपोर्ट
यादव 14 फीसदी,भूमिहार 2.86 फीसदी,कुर्मी 2.87 फीसदी,मुसहर 3 फीसदी,ब्राह्मण 3.66 फीसदी, राजपूत 3.45 फीसदी है। जबकि
धर्म के आधार पर भी सामने आया आंकड़ा आए हैं जिसमें
हिन्दू 107192958 8,1.99%,
इस्लाम 23149925 ,17.70%,
ईसाई 75238, 0.05%,
सिख 14753, 0.011%,
बौद्ध 111201, 0.0851%,
जैन 12523, 0.0096%,
अन्य धर्म 166566 ,0.1274%,
कोई धर्म नहीं 2146 0,.0016% है।
बिहार में किस वर्ग की कितनी आबादी?
पिछड़ा वर्ग 35463936, 27.12%,
अत्यंत पिछड़ा वर्ग 47080514 36,.0148%,
अनुसूचित जाति 25689820 19.6518%,
अनुसूचित जनजाति 2199361 1.68%,
अनारक्षित 20291679 15.5%
राजद सुप्रीमो लालू ने बताया ऐतिहासिक क्षण
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आज गांधी जयंती पर इस ऐतिहासिक क्षण के हम सब साक्षी बने हैं। बीजेपी की अनेकों साजिशों, कानूनी अड़चनों और तमाम षड्यंत्र के बावजूद आज बिहार सरकार ने जाति आधारित सर्वे को रिलीज किया। ये आंकडे वंचितों, उपेक्षितों और गरीबों के समुचित विकास और तरक़्क़ी के लिए समग्र योजना बनाने एवं हाशिए के समूहों को आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने में देश के लिए नज़ीर पेश करेंगे।’
Powered By
VDO.AI
PlayUnmute
Fullscreen
उन्होंने कहा, ‘सरकार को अब सुनिश्चित करना चाहिए कि जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी हो। हमारा शुरू से मनना रहा है कि राज्य के संसाधनों पर न्यायसंगत अधिकार सभी वर्गों का हो। केंद्र में 2024 में जब हमारी सरकार बनेगी, तब पूरे देश में जातिगत जनगणना करवायेंगे और दलित, मुस्लिम, पिछड़ा और अति पिछड़ा विरोधी भाजपा को सत्ता से बेदखल करेंगे।’