Law / Legal

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक, तंबाकू सेवन के कुप्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर दिया बल

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

 

झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक उप विकास आयुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में आहूत की गई । समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) अन्तर्गत त्रिस्तरीय उडन दस्ता, तम्बाकू नियंत्रण समन्वय समिति के कार्यों की समीक्षा की गई । सार्वजनिक स्थलों पर तम्बाकू सेवन पर रोक लगाने, स्कूलों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू बिक्री पर विशेष जांच अभियान चलाने तथा स्कूल, कॉलेजों में तम्बाकू के उपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव से जागरूक करने के निदेश दिए।

 

उप विकास आयुक्त ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, फूड सेफ्टी पदाधिकारी अपने-अपने स्तर से पहल करे ताकि तम्बाकू नियंत्रण अभियान को सफल बनाया जा सके, साथ ही अधिक से अधिक लोगो को जागरूक किया जा सके । उन्होंने जागरूकता बढ़ाने पर और बल देते हुए कहा कि लगातार लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी जाए, इसके लिए दुर्गा पूजा पंडालों में भी साइनेज लगाये जाएं। उन्होंने छापामारी अभियान की गतिविधियों में बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया, साथ ही सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिया की सोशल पुलिसिंग करते हुए लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया जाए और उन्हें तंबाकू पदार्थ के सेवन न करने के लिए प्रेरित किया जाए।

 

बैठक में बताया गया कि कोटपा (COTPA) अधिनियम की विभिन्न धाराएं कोटपा – 2003 के धारा (4) के अनुसार सभी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है, उल्लंघनकर्ता को 200 रुपए तक जुर्माना किया जाता है। धारा 5 (1) एवम् 5 (3) के अनुसार किसी भी तंबाकू पदार्थों के प्रत्यक्ष एवम् अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसका उल्लंघन करने पर दो वर्ष का कारावास/ एक हजार रुपए का आर्थिक दंड अथवा दोनों का प्रावधान है। धारा 6 A के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना या उनके द्वारा बेचवाना दंडनीय अपराध है।धारा 6 के अनुसार सभी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर प्रतिबंध लगाया गया है और यह दंडनीय अपराध है। उप विकास आयुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि छापेमारी की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से लागू कर कोटपा अधिनियम (COTPA) के उल्लंघन करने पर नियमसंगत अधिनियमों का अनुपालन कर उक्त दोषी पाये गए व्यक्ति को दंडित करें।

Related Posts