भद्रकाली महाविद्यालय में गृह विज्ञान एवं मनोविज्ञान का सेमिनार हुआ संपन्न

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड:चतरा जिला स्थित प्रखंड अवस्थित उच्च शिक्षण संस्थान भद्रकाली महाविद्यालय में मनोविज्ञान एवं गृह विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय था’सोशल मीडिया का बच्चों पर प्रभाव’। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार हजाम के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का विषय प्रवेश गृह विज्ञान विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर ईभा सिंहा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया के उपयोग प्रभाव एवं दुष्प्रभाव पर विस्तृत रूप से परी चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान संदर्भ में सोशल मीडिया का वैश्विक स्तर पर काफी महत्व है ज्ञान विज्ञान से लेकर दुनिया की तमाम जानकारियां सोशल मीडिया के माध्यम से हमें मिलती है। सोशल मीडिया के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व क्रांति हुई है जिसका परिणाम है की कई प्रकार की शैक्षिक गतिविधियां हम तक पहुंच रही हैं। सोशल मीडिया के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राजनीति विज्ञान विभाग के वरिय व्याख्याता डॉ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि एक ओर जहां सुविधाओं की पहुंच सोशल मीडिया के माध्यम से आम व्यक्ति तक हुई है वहीं इसके कई दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। किसी भी खोज अनुसंधान के दो पहलू होते हैं यह हम पर निर्भर करता है कि हम किस प्रकार से इसका सदुपयोग कर रहे हैं। हमें इसके प्रति हमेशा सचेत रहना चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉक्टर दुलार हजाम ने कहा कि आज के बदलते परिवेश में सोशल मीडिया का काफी प्रभाव है। जहां एक ओर यह हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है वहीं दूसरी ओर कई प्रकार की विसंगतियां भी प्राय: देखने सुनने को मिलती है। अत: इस प्रकार के दुष्प्रभावों से हमेशा बचने की कोशिश करना चाहिए और सोशल मीडिया के उपयोगी पक्ष को ही स्वीकार करना चाहिए। एक तरफ जहां यह शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है तो वहीं दूसरी ओर कई प्रकार की विद्रूप मानसिकताओं को जन्म भी दे रहा है इसलिए हमेशा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर सावधानी बरतने की जरूरत है। मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा कविता सिंहा ने सोशल मीडिया के उपयोगिता और दुरुपयोग विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि एक तरफ जहां यह हमें कई तरह की सुविधा प्रदान कर रहा है वहीं दूसरी ओर इसके कई नकारात्मक पहलू भी देखने को मिले हैं जिससे कई प्रकार के नकारात्मक संदेश व्यक्ति और समाज में जाते हैं इससे हमें हमेशा प्रयास करना चाहिए बचने का।सभी वक्ताओं ने इस कार्यक्रम में बोलते हुए विशेष रूप से सोशल मीडिया के सदुपयोग और दुरुपयोग पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रोफेसर श्याम सुंदर प्रसाद, प्रोफेसर जानकी प्रसाद दांगी, प्रोफेसर राकेश कुमार, प्रोफेसर धीरेंद्र यादव, प्रोफेसर मधुबाला, प्रोफेसर सिकेंदर मिस्त्री, प्रोफेसर ललित मोहन चौधरी, प्रोफेसर ललित कुमार सिंह, प्रोफेसर महेंद्र ठाकुर, प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय, प्रोफेसर लीलू रानी समेत महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी के साथ-साथ सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।*