बंद पड़े लौह अयस्क माइंस के कारण भारी वाहनों जुड़े लोगो की स्थिति दयनीय होती जा रही है **************** अमीरी के कब्र पर उपजी, हुई गरीबी, जहरीली होती है -अरविन्द चौरसिया

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित
बड़ाजामदा, ट्रक ओनर एसोसिएशन सह समाजसेवी, बड़ाजामदा अरविन्द चौरसिया ने झारखंड राज्य में बढ़ती हुई बेरोजगारी की समस्या पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य के विभिन्न स्थानों में बंद पड़े लौह अयस्क माइंस को चालू किए जाने की मांग राज्य एवं केंद्र सरकार से की है ।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अगर वैज्ञानिक तरीके से पश्चिम सिंहभूम व राज्य के विभिन्न स्थानों से लौह अयस्क की निकासी माइनिंग कर की जाती है, तो काफी मात्रा में लौह अयस्क का निष्कासन संभव है । शाह ब्रदर्स, रामेश्वर जूट मिल, निर्मल कुमार प्रदीप कुमार, आधुनिक स्टील, मिश्रीलाल,ठाकुरानी माइंस जैसे दर्जन भर माइंस ने बेरोजगारी की समस्या की मुहर लगा दी है ।क्षेत्र की सारी खदाने खोलने के लिए राज्य सरकार को निर्णय शीघ्र लेनी चाहिए। वर्तमान झारखंड सरकार की रॉयल्टी बंद खदानों की वजह से प्रभावित हो रही है ।राजस्व का नुकसान होना सरकार को आर्थिक नुकसान का संकेत है । समाजसेवी अरविन्द चौरसिया
ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारी वाहनों जुड़े लोगो की स्थिति दयनीय होती जा रही है ।संपूर्ण राज्य में हजारों लोगों के बेरोजगार होने की पुष्टि की जा रही है।अरबों रुपया राजस्व की क्षति झारखंड सरकार में के खजाने में जानी चाहिए ।अरविन्द चौरसिया के अनुसार साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद ने लिखा है कि अमीरी के कब्र पर उपजी, हुई गरीबी जहरीली होती है।बरहाल महीनों से माईसो के बंद होने की वजह से क्षेत्र के सारे अमीर लोगों के घरों में निर्धनता की स्थिति आ गई है । यह साफ-सुथरे तौर पर साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के लिखे गए साहित्य को दृष्टिगोचर कर रही है । समाजसेवी अरविन्द चौरसिया
ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उक्त तथ्यो दृष्टिगोचर करते हुए क्षेत्र के सभी बंद माईस को खोले जाने की मांग की है।