डॉ भीमराव अंबेडकर के रास्ते पर चलकर उनके सपनों को साकार करें:- सीजीएम

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पश्चिम सिंहभूम जिला में
सेवा स्तम्भ किरीबुरु-मेघाहातुबुरु के तत्वावधान में डॉ भीमराव अम्बेडकर का 67वां परिनिर्वाण दिवस हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ किरीबुरु के सीजीएम कमलेश राय ने लोगों को अम्बेडकर के प्रति शपथ दिलाकर किया। तत्पश्चात डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर सभी ने पूजा-अर्चना एवं एक-एक कर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि सीजीएम कमलेश राय ने कहा कि डॉ अम्बेडकर अर्थशास्त्री, शिक्षाविद, संविधान निर्माता, गरीब, शोषित, पीड़ितों के मसीहा थे। उन्होंने लोगों को शिक्षा का महत्व बताया एवं सभी को शिक्षित करने का अभियान छेड़ा। डॉ अम्बेडकर महिलाओं को अधिकार, समाज में जात-पात, भेद-भाव के खिलाफ आवाज बुलंद किया। आज भी उनके अनेक सपने अधूरे हैं, जिसे पूर्ण करना है एवं उनके बताये मार्ग पर चलना है। सीजीएम एसएस साहा ने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा रास्ता है जो सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकता है। महिलाएं शिक्षित होकर बच्चों व समाज को आगे बढ़ा सकती है। ऐसा डॉ अम्बेडकर की सोच थी। उन्होंने इस दिशा में कार्य किया। मेघाहातुबुरु के महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम ने कहा कि डॉ अम्बेडकर अगर और कुछ दिन रहते तो हमारा देश काफी आगे गया होता। वह सिर्फ विशेष वर्गों के मसीहा नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हितकारक थे। विश्व का सबसे सुदृढ़ संविधान हमारा है, जिसमें महिलाओं को अधिकार दिया था। सेवा स्तंभ सेल की किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु प्रबंधन से सहयोग मांगें, ताकि यह संस्था डॉ अम्बेडकर के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर सकें। किरीबुरु के महाप्रबंधक राम सिंह ने कहा कि डॉ अम्बेडकर सामाजिक समानता लाने में अहम योगदान दिया, उन्होंने देश व समाज के उत्थान के लिये अहम योगदान दिया। मेघाहातुबुरु के सहायक महाप्रबंधक अजीत कुमार ने कहा का डॉ अम्बेडकर के एक-दो विचारों जैसे शिक्षा आदि को अपना लें तो हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकेंगे। आधी रोटी खाओ, लेकिन बच्चों को शिक्षित करो। कार्यक्रम के दौरान मुखिया पार्वती किडो, राजेन्द्र सिंद्रिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सीजीएम कमलेश राय, सीजीएम एसएस साहा, महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम, महाप्रबंधक राम सिंह, उप महाप्रबंधक अमित विश्वास, सहायक महाप्रबंधक अजीत कुमार, डॉ एमएस दास, मुखिया पार्वती किडो, मुखिया लिपि मुंडा, उप मुखिया सुमन मुंडू, पूर्व प्रमुख जीरेन सिंकू, एस होरो, वीर सिंह मुंडा, सोनाराम गोप, सुनील पासवान, आफताब आलम, बीरबल गुड़िया, जयपाल हस्सा पूर्ति, बादल मन्ना, संजय तिग्गा, सुरेश पान, पूर्ण चन्द्र मल्लिक, युद्धिष्ठिर हजाम, प्रधान आलडा, एसपी आल्डा आदि दर्जनों लोग मौजूद थे।