Crime

नक्सलियों के नाम पर किरीबुरू क्षेत्र में दो युवक मांग रहे पैसा, लोगों में दहशत   

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड: पश्चिम सिंहभूम जिला में

भाकपा माओवादी नक्सलियों के नाम पर किरीबुरु थाना क्षेत्र के लोगों में भय पैदा करने, भयादोहन करने का कार्य करने वाले बाइक सवार कुछ संदिग्ध कौन हैं. ये बाईक सवार संदिग्ध लोग 15 दिसम्बर को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़ी डिजिटल वाहन, हमारा संकल्प विकसित भारत योजना से जुड़े वाहन को भी सारंडा के करमपदा गांव जाने से पहले रोक दिया।

सूत्रों के अनुसार यह वाहन जब मेघाहातुबुरु उत्तरी पंचायत अन्तर्गत करमपदा जा रही थी तभी बाइक सवार दो संदिग्ध युवक जिसकी उम्र 25-30 वर्ष के बीच थी, किरीबुरु-हिल्टौप मुख्य मार्ग पर केन्द्र सरकार की इस डिजिटल वाहन को रोका एवं बैरंग वापस लौटने को कहा। इस वाहन को किरीबुरु-बडा़जामदा मुख्य मार्ग पर सारंडा घाटी में भी संदिग्ध युवकों द्वारा रोका गया था। ये युवक वाहन वापस नहीं लौटाने की स्थिति में गोली मारने की भी धमकी दी थी। जिसके बाद घटना की शिकायत नोवामुण्डी के बीडियो को देने के बाद वाहन को वापस लौटा लिया गया। सूत्रों के अनुसार 14 दिसम्बर को एक बाइक पर सवार दो युवक, जिसमें एक दाढ़ी वाले युवक की उम्र 30-35 वर्ष के करीब था, जो अपना नाम रौशन बता रहा था। दूसरे की उम्र 18 वर्ष के आसपास थी, वह कुछ लोगों से सम्पर्क कर नक्सली नेता अनमोल, मोछू आदि का नाम लेकर पैसा की मांग कर रहा था। वह सारंडा जंगल में जनरेटर ले जाने व कुछ जरूरी व्यवस्था हेतु पैसे का सहयोग मांग रहा था। उसने लोगों को बताया कि वह शहर में अकेला नहीं आया है, बल्कि चारों तरफ उसके आदमी फैले हुये हैं। ऐसे संदिग्धों की गतिविधियां से लोग परेशान व दहशत में हैं। उल्लेखनीय है कि नक्सली भी लोगों से कभी भी इस तरह से पैसा की मांग नहीं किये। सारंडा में नक्सली जब चरम पर था तभी भी ऐसी स्थिति नहीं थी। उस वक्त भी कई लोग नक्सली के नाम पर पैसा उगाही की कोशिश किये जिसमें कुछ सफल तो कुछ जेल गये। इस मामले में नोवामुण्डी के प्रशासनिक पदाधिकारी से सम्पर्क किया गया लेकिन फोन नहीं उठायें। जिस कारण केन्द्र सरकार की वाहन रोके जाने संबंधित मामले की शिकायत उन्हें मिलने संबंधित जानकारी होने के बाबत प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी।

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