जेएन.1 कोविड वैरिएंट: भारत में फैला कोरोना का नया रूप, दुनिया में कितना है खतरनाक?**
न्यूज़ लहर संवाददाता
नई दिल्ली: दुनिया भर में कोरोना महामारी (कोविड-19) के 70 करोड़ से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं, जिसमें से 69.58 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही, 41 देशों में एक नए वैरिएंट, जेएन.1, का पता लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक इस नए वैरिएंट के 7,300 से अधिक मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
भारत में भी इस नए रूप के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिसके बारे में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की राय है कि यह तेजी से फैल सकता है, लेकिन अभी तक गंभीर बीमारी के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इस वैरिएंट के लक्षणों में बुखार, ठंड, खांसी, थकान और बदन दर्द शामिल हैं।
सबसे अधिक प्रभावित हुआ गोवा, जहां अब तक 19 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा, जेएन.1 वैरिएंट के मामले पुडुचेरी, तेलंगाना, केरल, कर्णाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, दिल्ली-NCR, गुजरात, राजस्थान, और अन्य कई राज्यों में रिपोर्ट किए गए हैं।
डॉक्टरों का मानना है कि यह वैरिएंट पुराने वैरिएंट की तुलना में काफी अलग है, और इसकी जेनेटिक विवरण ओमीक्रॉन और दूसरे वैरिएंट से भिन्न हैं। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, जेएन.1 के मामलों में भी सावधानी बरतना आवश्यक है, लेकिन इसे बहुत खतरनाक नहीं माना जा रहा है।
इसी के बीच, दुनियाभर में अब तक 2.20 अरब लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है, जो बचाव के लिए महत्वपूर्ण है। जेएन.1 वैरिएंट के मामले 15 दिसंबर के बाद से बढ़ रहे हैं, जो स्वास्थ्य अधिकारियों को चुनौती देता है।
सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य प्रोटोकॉल का पालन करना अब भी आवश्यक है, और लोगों को सतर्क रहना चाहिए ताकि इस नए वैरिएंट के फैलने को रोका जा