22 जनवरी को अवकाश को के लिए सांसद सेठ ने सीएम को लिखा पत्र*_ _*झारखंड से भी रहा है रामलला का अनन्य प्रेम*_ _हनुमान जी की जन्मस्थली है झारखंड_ *_22 जनवरी को मांस-मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित की जाए
न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड :श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर रांची के सांसद संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सांसद ने कहा है कि 22 जनवरी को झारखंड सरकार को अवकाश घोषित करना चाहिए। इसके साथ ही उसे दिन मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
अपने पत्र में श्री सेठ ने कहा है कि 22 जनवरी 2024, भारतीय इतिहास का वह दिन है, जिसकी प्रतिक्षा सदियों से भारत का जनमानस कर रहा था। यह दिन इतने लंबे समय के संघर्ष, त्याग और तपस्या के बाद सौभाग्य के रूप में हम सबको मिला है। हम अपने आराध्य रामलला की पुन:प्रतिष्ठा अयोध्याधाम में कर रहे हैं। इस दिन को लेकर हमारा गौरव इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि झारखंड से भगवान श्रीराम का भी अनन्य प्रेम रहा है। भगवान राम के अनन्य भक्त श्री हनुमान जी की जन्मस्थली भी झारखंड ही है।
श्री सेठ ने कहा कि निश्चित रूप से यह दिन सिर्फ हिंदू समाज के लिए नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए अविस्मरणीय दिन है। संविधान और शासन व्यवस्था में हम जिस रामराज्य की संकल्पना की बातें करते हैं, उसी राम की पुनःप्रतिष्ठा सदियों के बाद हो रही है। यह हम जनप्रतिनिधियों और शासन के लिए भी गौरव की बात है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि इस तिथि को लेकर संपूर्ण समाज स्वत: स्फूर्त होकर दीपावली मनाने की तैयारी कर रहा है। कई सामाजिक व सांस्कृतिक उत्सव की तैयारी चल रही है। निश्चित रूप से राज्य के मुखिया होने के नाते आप भी इस उत्सव में शामिल होंगे, यह विश्वास मुझे है।
सांसद ने कहा कि इस महत्वपूर्ण और पवित्र दिन मेरा आपसे अनुरोध है कि 22 जनवरी को झारखंड में राजकीय अवकाश घोषित किया जाए। इसके साथ ही इस दिन मांस मदिरा की बिक्री भी प्रतिबंधित की जाए ताकि राम लाल के पुनःआगमन का यह उत्सव हम और भी भावपूर्ण और सात्विक तरीके से मना सके।
हम अपने लोगों को यह एहसास दिला सकें कि वास्तव में रामराज्य की संकल्पना को साकार करने प्रभु श्रीराम खुद अयोध्या धाम आ रहे हैं।