प्रेमानंद महाराज की 17 साल से नहीं काम कर रहीं दोनों किडनियां, फिर भी सत्संग में…*

न्यूज़ लहर संवाददाता
यूपी:वास्तव में यह आध्यात्मिक ऊर्जा की बड़ी उपलब्धि है। वृंदावन के प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) की 17 साल से दोनों किडनियां फेल (Kidney Fail) हैं, फिर भी लगातार सत्संग कर रहे हैं।
वास्तव में यह आध्यात्मिक ऊर्जा की बड़ी उपलब्धि है। वृंदावन के प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) की 17 साल से दोनों किडनियां फेल (Kidney Fail) हैं, फिर भी लगातार सत्संग कर रहे हैं।इसे वह प्रभु कृपा ही बता रहे हैं।
महाराज की किडनी फेल हुए लगभग 17 साल गुजर गए
जरूरत पड़ने पर नियमित डायलिसिस हो जाती है
हालांकि कई लोग इस बात को नहीं मानते हैं तब वह अपना पेट दिखाकर भी बताते हैं। इन दिनों प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) सोशल मीडिया (Social Media) पर भी खूब छाए हुए हैं। महाराज जी वृंदावन में हर रोज सत्संग भी करते हैं। उनके सत्संग को सुनने के लिए लाखों लोग पहुंचते हैं।
महाराज की किडनी फेल हुए लगभग 17 साल गुजर गए
जानकारी के अनुसार प्रेमानंद महाराज जी की गंभीर बीमारी के चलते सालों पहले दोनों किडनी खराब हो गई थीं। कई लोग महाराज के सत्संग में पहुंचकर उनसे उनकी खराब किडनी के बारे में सवाल भी करते हैं और हालचाल भी पूछते रहते हैं।
प्रेमानंद महाराज के बारे में सालों से सुन रहे कि उनकी दोनों किडनी फेल हैं। लेकिन अगर किसी की दोनों Kidney खराब हो जाएं, तो वह जीवित नहीं रह सकता है। लेकिन प्रेमानंद महाराज की किडनी फेल हुए लगभग 17 साल गुजर गए हैं। फिर भी महाराज स्वस्थ्य जीवन जी रहे हैं। आज भी महाराज सुबह 2 बजे वृंदावन की परिक्रमा लगाते हैं।
जरूरत पड़ने पर नियमित डायलिसिस हो जाती है
बता दें कि प्रेमानंद महाराज जी के सत्संग में कई बार उनके चाहने वालों ने उन्हें अपनी Kidney देने की इच्छा जताई, लेकिन महाराज जी हमेशा यह कहकर मना कर देते हैं कि किसी का जीवन लेकर में खुश नहीं रह सकता।
राधा रानी ने जितना मुझे जीवन दिया है, उतना ही जिऊंगा, उससे ज्यादा नहीं हो सकता है। लोग कई बार यह सवाल करते हैं कि देखने में बाबा खूब चकाचक लगे हैं पागल बनाते हैं। यह सुन महाराज जी ज़ोर से हंसते हैं और बोलते हैं कि आपने कइयों को बोलते हुए सुना होगा, मुझे तो खुद लोगों ने बोला है कि बाबा सच में किडनी खराब हैं।
सच में Dialysis होता है। इतनी बड़ी बात को मैं झूठ बोलूंगा क्या? महाराज जी बातों-बातों में भक्तों को अपने वस्त्र ऊपर करके दिखाते हुए बोलते हैं कि देखिए पेट का Operation किया वह फेल हो गया। उसके बाद छाती में ऑपरेशन किया गया और एक नली डाली गई। इसी नली के माध्यम से अब जरूरत पड़ने पर नियमित डायलिसिस (Dialysis) हो जाती है।