झारखंड में भारत बंद एवं आम हड़ताल: सार्वजनिक सेक्टरों में ठप्प, किसान और मजदूरों का संघर्ष और एकता का दिन*

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: भारत में हुए भारत बंद और आम हड़ताल में सार्वजनिक सेक्टरों के ठप्प के साथ, किसान और मजदूरों ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त केंद्रीय ट्रेड यूनियन के साथ मिलकर लाखों किसान और मजदूरों ने रांची से निकलकर शहर को गहरे विरोध की ओर बढ़ाया।
इस मुहिम के तहत कोयला, एलआईसी, तांबा, बैंक, और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में ठप्प लगाया गया, जिससे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में व्यापक प्रभाव हुआ। नेताएँ ने महंगाई, बेरोजगारी, और सरकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए जनता के साथ साझा किया।
सभा के मुख्य अध्यक्ष ने कहा कि भारत सरकार ने किसानों और मजदूरों के प्रति नीतियों के कारण महंगाई और बेरोजगारी में वृद्धि की है, और इसके खिलाफ लोग एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में संघर्ष जारी रखा जाएगा ताकि लोकसभा चुनाव में सरकार को सजग किया जा सके।
इस समर्थन में शामिल हुए लोगों में भी विभिन्न सामाजिक संगठन और नेताएँ शामिल थीं, जिन्होंने एक साथ अपनी आवाज उठाई और सरकार के खिलाफ एकता का संकेत किया।