Politics

झामुमो उलगुलान झारखंड की 7 लोस सीट पर चुनाव लड़ेगी:- कृष्ण मार्डी

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड :झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (उलगुलान) के संस्थापक सह पूर्व सांसद कृष्णा मार्डी का दौरा किरीबुरु एवं गुवा क्षेत्र में मजदूरो की समस्याओं के निराकरण व हल करने को लेकर हुआ ।उन्होने कहा कि उनकी
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (उलगुलान )पार्टी आगामी लोक सभा चुनाव जमशेदपुर, पश्चिम सिंहभूम, गिरीडीह, हजारीबाग, खूंटी के अलावे अन्य 7 सीटों पर चुनाव लडे़गी।
उन्होंने कहा कि झारखण्ड की वर्तमान सरकार की स्थिति काफी दयनीय है। हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार के कारण केन्द्रीय एजेंसी द्वारा कार्यावाही की गई। झारखण्ड बनने के 24 वर्षों बाद एक गैर आदिवासी को छोड़कर 10 आदिवासी मुख्यमंत्री बने, लेकिन सिर्फ कागजों पर हीं आदिवासियों का विकास हुआ। राज्य की तस्वीर नहीं बदली। धरातल पर कुछ नहीं हुआ। ऐसे में केन्द्र सरकार या केन्द्रीय एजेंसियों पर आदिवासियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
झारखण्ड सरकार ने 1932 का खतियान लाकर 1964 के खतियान धारियों को हीं सारी सुविधाओं से वंचित कर झारखण्ड के आदिवासी व मूल निवासियों को बांटने व हक से वंचित करने का काम किया। नियोजन निति समेत अन्य लाभ 1964 खतियान धारी को नहीं मिल पायेगा। इस कानून में बदलाव लाकर 1964 को भी शामिल किया जाये। पश्चिम सिंहभूम में मानकी मुंडा व्यवस्था है, पेशा कानून को भी सरकार ने लागू नहीं कर पाया है। जिससे झारखण्ड के आदिवासियों व मूलवासियों को भारी नुकसान हो रहा है। वर्तमान झारखण्ड सरकार की राजनीतिक हालात से अस्थिरता व अराजकता की स्थिति बनी हुई है। झामुमो गठबंधन की सरकार ने नियोजन को पुरी तरह बंद कर दिया है। झारखण्ड व पश्चिम सिंहभूम क्षेत्र की तमाम खदानों को बंद कर बेरोजगारों को सड़कों पर लाकर एक प्रकार से कटोरा पकडा़ दिया है। बालू घाट की नीलामी नहीं कर माफिया राज लाकर लूट मचाया है। बालू व कोयला की लूट खुलेआम हो रही है। कांग्रेस के राजकुमार राहुल गांधी भी रामगढ़ क्षेत्र में कोयला तस्कर को सहयोग करते देखे गये। सेल, टाटा स्टील व अन्य खदानों में स्थानीय लोगों के बजाय बाहरी को नौकरी दिया जा रहा है। इस मामले में सांसद गीता कोडा़ व पूर्व मुख्यमंत्री मौन हैं। 1964 खतियान के पक्ष में दोनों तो आवाज उठा रहे हैं लेकिन उनकी पार्टी कांग्रेस इसमें शामिल नहीं है। यह जनता को धोखा देने वाली बात है। उन्होंने कहा कि हमलोग लडा़ई लड़कर झारखण्ड अलग राज्य लिये। शिबू सोरेन तो आंदोलन को हीं बेच दिये थे। लेकिन हमने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से बात किये। उन्होंने हमें आश्वस्त किया था कि हम वनांचल के रुप में अलग राज्य बना देंगे। उन्होंने चुनाव में सहयोग मांगा। उनके कहने पर हम चुनाव नहीं लडे़ जिससे पूर्व सांसद लक्ष्मण गिलुवा एवं आभा महतो लोक सभ सीट जीता। बाद में झारखण्ड अलग राज्य देकर श्री वाजपेयी ने अपना वादा पुरा किया। कृष्णा मार्डी ने कहा कि हमने 1992 में 542 लोगों को सेल की किरीबुरु-मेघाहातुबुरु में, चिडि़या खदान में 700, गुवा में 200 लोगों का ऐतिहासिक नियुक्ति कराया। उसके बाद से ऐसी नौकरी नहीं हुई। सागवान बेडा़ का मार्शल पुरती नामक ठेका मजदूर की मृत्यु औन ड्यूटी मेघाहातुबुरु खदान में हो गया था, सारे मजदूर संगठनों ने खदान बंद किया था। प्रबंधन नौकरी देने की तब लिखित आश्वासन दी थी, लेकिन आज तक मेघाहातुबुरु प्रबंधन ने उसके आश्रित पत्नी कुशुम पुरती को स्थायी नौकरी नहीं दिया। हमने मेघाहातुबुरु सीजीएम आर पी सेलबम को कहा कि प्रबंधन 15 दिन के अंदर नौकरी नहीं देगी तो मेघाहातुबुरु खदान प्रबंधन के खिलाफ बडा़आंदोलन किया जायेगा। आदिवासी महिला के साथ प्रबंधन शोषण कर रही है। तमाम यूनियनों को भी इस मामले को लेकर सक्रिय होना चाहिये।

Related Posts