अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में बढ़ रही है स्वदेशी की शक्ति

न्यूज़ लहर संवाददाता
नई दिल्ली:आत्मनिर्भर बनने के संकल्प पथ पर दौड़ रहे भारत ने हर क्षेत्र में स्वदेशी का झंडा बुलंद किया है। देश में इस्तेमाल होने वाले 99% मोबाइल भारत अब खुद बना रहा है, वही युद्ध पोत और हल्के लड़ाकू विमान से लेकर घातक ड्रोन तक बनाकर पूरी दुनिया में स्वदेशी गुणवत्ता का लोहा मनवाया है।
अपनी स्वदेशी तकनीक के बूते चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरकर भारत ने न सिर्फ पूरी दुनिया को चौंका दिया बल्कि अब रक्षा उत्पादों के निर्यात का आंकड़ा 23 गुना बढ़ाते हुए पहले के 686 करोड़ के मुकाबले वर्ष 2022-23 में 16000 करोड़ से ऊपर करने में सफलता अर्जित की है।
केंद्र की मोदी सरकार के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में स्वदेशी हथियारों, उपकरणों और तकनीक के बूते आत्मनिर्भर बनने की राह पर दौड़ रहा है। स्वावलंबी भारत अभियान के जरिए स्वदेशी सोच को मिली तरजीह के कारण ही स्वदेशी हथियारों, मिसाइल, हल्के फाइटर जेट और ड्रोन सिस्टम में दुनिया अब दिलचस्पी दिखा रही है।
आज भारत पचासी से अधिक देशों को स्वदेशी हथियार और उपकरण, कलपुर्जे निर्यात कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत और स्वावलंबी भारत अभियान की बदौलत हथियारों के आयात पर होने वाले खर्च में भी गिरावट आई है। वर्ष 2018-19 में रक्षा क्षेत्र पर खर्च होने वाले कुल लागत में से 46% हथियारों और सिस्टम पर खर्च हुआ था। दिसंबर 2022 में यह खर्च गिरकर 35.6 प्रतिशत पर आ गया है।