*20 औषधीय सीता अशोक के पौधे पटमदा के मंदिरों में बांटे गए*

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित पटमदा में आनंद मार्ग द्वारा शिव मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर और रांगाटाँड़ गांव के मंदिरों में 20 औषधीय सीता अशोक के पौधे बांटे गए।
सुनील आनंद ने चौक चौराहा पर कीर्तन के महत्व को बताते हुए यह दर्शाया कि ईश्वर की प्राप्ति के सुगम साधन कीर्तन है।
कीर्तन का महत्व:
आनंद ने बताया कि कीर्तन, भक्ति और ध्यान का अद्वितीय माध्यम है जो व्यक्ति को ईश्वर के साथ गहरा संवाद स्थापित करने में सहायक है। इससे मन, शरीर, और आत्मा के संगम का अनुभव होता है, जो आदर्श दर्शाता है।
कीर्तन के लाभ:
कीर्तन से मन को संयमित करना, इंद्रियों के प्रति वैराग्य की प्राप्ति, और आत्मिक एवं मानसिक स्वतंत्रता का अनुभव करना संभव है। यह आनंद, सुख, और धार्मिकता को जीवन में लाता है।
समाप्ति: यह समाचार ने दिखाया कि कीर्तन एक साधना है जो समाज के बंधनों से मुक्ति दिलाती है और ईश्वर के साथ गहरे संबंध बनाने में मदद करती है।