ओपी प्रभारी के स्थानांतरण होने से प्रखंड वासियों में छाई मायूसी

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: दुनिया में कुछ डॉक्टर ऐसे भी होते हैं जो सबसे पहले बीमार का इलाज करते हैं, उसके बाद बीमारी का। ठीक उसी तरह से पश्चिम सिंहभूम जिले के अंतर्गत तांतनगर ओपी के प्रभारी के रूप में रहे राहुल कुमार राम भी थे, जिनका प्रयास हमेशा यही रहता था कि समाज में तरह से सुधार किया जाए।
तेजतर्रार युवा तथा मृदूभाषी तांतनगर ओपी प्रभारी राहुल कुमार राम का स्थानांतरण होने से प्रखंड वासियों में मायूसी छा गयी है। प्रभारी ने अपने कार्यशैली से प्रखंड वासियों का दिलजीत लिया है। जिससे प्रभारी का स्थानांतरण होने से ग्रामीणों व बुद्धिजीवियों काफी मायूसी हैं। प्रभारी से न सिर्फ तांतनगर ओपी क्षेत्र के बल्कि जिला में अपराधि व असामाजिक तत्वा खौफ खाते हैं। बरहाल प्रभारी अपने कार्यशैली व भाषाशैली से ओपी आने वाले आगंतुकों का दिलजीत कर क्षेत्र आम जनता से अच्छा संबंध रहा है। इस बीच प्रभारी राहुल कुमार राम का बोकारो स्थानांतरण हो गया है।वैसे तो प्रभारी ने तांतनगर ओपी में प्रभारी का ढाई साल कार्यकाल रहा है।इन ढाई साल के कार्यकाल में प्रभारी न सिर्फ थाना क्षेत्र को अपराध मुक्त किया बल्कि जिला में किसी शतीर अपराधी को पकड़ना है तो पुलिस अधीक्षक उसको टीम जरूर शामिल करते थे। प्रभारी राम अपराधियों का गतिविधि पकड़ने व परकने में महिर हैं।साथ ही तकनीकी उपयोग में दक्ष हैं।अपराधी कहां पर है, तकनीकी उपयोग कर तुरंत पता कर छापेमारी कर अपराधी को पकड़ने महिर हैं।पकड़े गये अपराधियों से बिना लाटी चलाये कांड का सच कैसे उगालना है, बखूबी जानते हैं। प्रभारी किसी भी कांड में अपराधियों का गिरोह का उद्भेदन कराने में काफी शतीर हैं।ऐसे कांडों में शामिल लोग नहीं बच पाते वहीं निर्दोष लोगों को तानिक भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। ओपी क्षेत्र के 90 फिसदी फरार अपराधियों को सलाखों के पिछे भेज चुके हैं।इसलिए भी ओपी प्रभारी अपने क्षेत्र वासियों का चेहता बन गया। सुरक्षा के अलावा क्षेत्र में युवाओं का शैक्षणिक संस्थानों व गतिविधियों में भाग लेकर युवाओं का मार्गदर्शन करते रहते हैं।उनके इस तरह के काम में महारत को देखते हुए 2023 गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंत्री के हाथों सम्मानित भी किया गया था।युवाओं को क्षेत्र में अवैध गतिविधि सख्त मनाई।