हाईकोर्ट के आदेशो को जिला प्रशासन ने की अनदेखी, भूमाफिया और पुलिस गठजोड़ के होंसले बुलंद,जिस दुकान को जेएनसी ने सील किया उसे खोला गया

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: हाईकोर्ट ने अतिक्रमण रोकने के लिए जांच कमेटी का गठन किया था।इस कमेटी ने जमशेदपुर में आकर अतिक्रमण किए हुए अवैध दुकान ,भवनों और पार्किंग की पहचान की थी। साथी जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि उसे सील किया जाए । इसके बाद भी जिला प्रशासन और जमशेदपुर नगर पालिका ने अपने कर्तव्यों से आंख बंद कर ली। जिसके तहत साकची बाजार में करोड़ों रुपए के मूल्यवान भूमि पर पुलिस भूमाफिया के गठन जोड़ से बने अवैध दो दुकाने है ।इस दुकान को जमशेदपुर नगर पालिका ने अवैध बताते हुए सील कर दिया था। इसके बाद भी सील तोड़कर पुनः दुकान का खुलना दिखता है कि यह गठजोड़ कितना मजबूत है, जो हाई कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है। साथ ही जिला प्रशासन को ठेंगा दिखाकर
विधि व्यवस्था को तार तार कर रहा है।
वहीं भ्रष्ट अधिकारियों ने अपने वरीय अधिकारियों को फंसाने की व्यवस्था भी कर दी है।
ज्ञात को की साकची बाजार में भोला महाराज मिठाई दुकान के पीछे पुलिस पीकेट का निर्माण विधि व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए निमार्ण किया गया था। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा जमीन उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें से कुछ जमीन खाली थी।जो करोड़ो रुपए का है।जिस पर भूमाफियाओं की नजर बहुत दिनों से थी।
कड़क प्रशासनीक अधिकारियों के कारण भूमाफियाओं की चल नहीं रहीं थीं।समय के साथ अधिकारी बदले और हो गया भूमाफियाओं की मुराद पूरी।जिस पर पुलिस के कुछ भ्रष्ट अधिकारी और भू माफिया ने कब्जा कर दो अवैध दुकानों का निर्माण कर लिया। बाद में इन निर्माण किए हुए दुकानों को करोड़ों रुपए के मूल्य पर बेच दिया गया।इस संबंध में न्यूज़ लहर ने कुछ दिन पहले समाचार प्रकाशित किया था। जिसके आधार पर जमशेदपुर नगर पालिका ने दुकान के निर्माण को अवैध बताते हुए दोनों दुकानों को सील कर दिया था। तब संभावना व्यक्त की गई थी कि इन अवैध निर्माण किए हुए दुकानों को जल्दी अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन हुआ इसके विपरीत ।भू माफिया ने अपने करोड़ों रुपए डूबते हुए देखा प्रशासन के अधिकारियों को मैनेज करने में लग गए ।जिसमें वह सफल भी हो गए। कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण जमशेदपुर नगर पालिका द्वारा सील किए हुए दोनों दुकानों पर लगे सील को तोड़ दिया। इस मुद्दे को उठाने वाले जमशेदपुर के अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने जब जीएनएससी, टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट के अधिकारी अमीत व अतिक्रमण के हेड एन मनोज और जिला प्रशासन के अधिकारियों से जाननी चाही कि कैसे सील किया गया दुकान खुल गया।इस पर सभी जबाबदेह अधिकारी सटीक जानकारी देने से बचते रहे। जबकि झारखंड हाई कोर्ट ने अतिक्रमण रोकने के लिए एक कमेटी बनाई है। वह कमेटी जमशेदपुर में आकर अवैध रूप से निर्माण किए गए भवन ,दुकान को सील करवाने में लगी हुई,तो वहीं पुलिस और भूमाफिया गठजोड़ हाईकोर्ट के आदेशो की अनदेखी कर अतिक्रमण रोकने में असफल रही।यह सब भ्रष्ट अधिकारियों के सह पर हो रहा है। जाहिर है कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के कारण पूरे जिला प्रशासन पर उंगली उठने लगी है और इसकी जवाबदेही कोर्ट में तय होगी ।तब वरीय अधिकारियों को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होकर बताना पड़ेगा की यह अतिक्रमण कैसे हुआ ?वह भी उस समय जब हाई कोर्ट ने अतिक्रमण के विरुद्ध एक कमेटी का गठन कर अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए प्रयासरत है।