स्व बिष्टु दत्ता 1950 के अंग्रेजों के जमाने में चर्चित शिकारी व समाजसेवी सदैव लोगों को जंगली जानवरों की रक्षा के लिए याद कि ए जाते रहेंगे-आलोक दत्ता

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पश्चिम सिंहभूम जिला के समाज सेवी आलोक दत्ता,बड़ाजामदा से जमशेदपुर के विंटेज कार और बाइक रैली में भाग ले चुके अनुभवी कार चालक ने साक्षात्कार मे अपने कार चलाने के अनुभव की जानकारी दी। साल 1920 से लेकर 1985 तक की विंटेज और क्लासिक कार रेस उनके लिए सुखद आनन्द रहा।
उन्होंने बताया कि उन्होने अंग्रेजो के जमाने के तीन पुरानी जीप अपने गैरेज में रखा है।तीनों कार की मरम्मती व रिपेयरिंग लगातार की जाती है ।उन्होंने बताया कि उनके पिता स्व बिष्टु दत्ता 1950 में अंग्रेजों के जमाने में चर्चित शिकारी व समाजसेवी थे। लोगों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए उस वर्ष जंगली तेंदुआ का शिकार किया था । सारंडा के बड़ा जामदा क्षेत्र के सुखचैन इन्टरप्राइजेज के क्षेत्र में बाघमारा नामक चर्चित स्थान में शेर का शिकार किया। बताया जाता है कि वहाँ निरंतर जंगली शेर ट्रेनों के हरी झण्डी दिखाने वाले लाईन की हत्या कर दिया करता था। घाटकुरी जंगलो में मिलने वाले खतरनाक जानवरों से बचाने के लिए बड़ा जामदा क्षेत्र लोग सदैव उनके पास आकर आत्मरक्षा की गुहार लगाते थे ।परिणाम स्वरूपलोगों की रक्षा के लिए मानव प्रहरी के रूप में सदैव सारंडा के वीरान जंगलों से निकलकर आक्रमण करने वाले जानवरों से उन लोगों की रक्षा किया करते थे ।