अंग्रेजों के जमाने में जंगली जानवरों की रक्षा के लिए याद किए जाते थे बड़ाजामदा के स्व बिष्टु दत्ता एवं प्रबोद्ध कुमार दत्ता …. अंग्रेजों के जमाने में निरंतर जंगली शेर ट्रेनों के हरी झण्डी दिखाने वाले लाईन मैन की शिकार बनाते थे, आलोक दत्ता

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित बड़ाजामदा के में समाज सेवी आलोक दत्ता ने बताया कि उनके चाचा स्व बिष्टु दत्ता 1950 में अंग्रेजों के जमाने में चर्चित शिकारी व समाजसेवी थे। लोगों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए उस वर्ष जंगली तेंदुआ का शिकार किया था । सारंडा के बड़ा जामदा क्षेत्र के सुखचैन इन्टरप्राइजेज के क्षेत्र में बाघमारा नामक चर्चित स्थान में शेर का शिकार किया। बताया जाता है कि वहाँ निरंतर जंगली शेर ट्रेनों के हरी झण्डी दिखाने वाले लाईन मैन की हत्या कर दिया करता था। घाटकुरी जंगलो में मिलने वाले खतरनाक जानवरों से बचाने के लिए बड़ा जामदा क्षेत्र लोग सदैव उनके पास आकर आत्मरक्षा की गुहार लगाते थे ।परिणाम स्वरूप लोगों की रक्षा के लिए मानव प्रहरी के रूप में सदैव सारंडा के वीरान जंगलों से निकलकर आक्रमण करने वाले जानवरों से उन लोगों की रक्षा किया करते थे । बताया जाता है कि समाज सेवी आलोक दत्ता
के चाचा विष्टु दत्ता करीब 100 से अधिक जंगली जानवरों का शिकार कर आदिवासियों की रक्षा कर चुके है। उनके पिता प्रबोद्ध कुमार दत्ता भी स्वाभाविक रूप से अंग्रेजों के जमने के समय से ही क्षेत्र में आदिवासियों के रक्षा के लिए प्रहरी बने रहे थे।