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मामला करोड़ों की लागत की बनी प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरिबुरू  रोड मैप तैयार कर डीएवी संस्था द्वारा प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरीबुरूको संचालित किए जाने की मंशा बनाई जा रही है -मुख्य महाप्रबंधक कमलेश राय 

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

 

झारखंड:पश्चिम सिंहभूम स्थित किरिबुरु क्षेत्र में शिक्षा के विकास एव बच्चों की उज्जवल भविष्य को सेल संबद्ध प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरीबुरू को, डीएवी संस्था द्वारा संचालित किए जाने हेतु सेल प्रबंधन द्वारा डीएवी संस्था द्वारा वार्ता की गई।

जिसमें वर्तमान में सेल संबद्ध प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरीबुरू के अध्ययन स्तर, बच्चो के भविष्य सुधारने हेतु,शिक्षा परिपक्व माहौल व विद्यालय को बुनियादी ढांचे से सुदृढ़ करने पर चर्चा की गई I सेल किरीबुरु मुख्य महाप्रबंधक कमलेश राय ने क्षेत्रीय रीजनल ऑफिसर्स झारखण्ड ए जोन जमशेदपुर ओपी मिश्रा एवं डीएवी गुवा प्राचार्या उषा राय से वार्ता कर प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरीबुरू की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट किया ।

सेल किरीबुरु मुख्य महाप्रबंधक कमलेश राय ने बताया कि वर्तमान में अस्थायी रूप से कार्यरत 17 पारा शिक्षकों द्वारा चलाए जा रहे स्कूल मे अध्ययन बच्चों की संख्या मात्र 410 के आसपास हैl सेल किरीबुरु प्रबंधन के निरंतर प्रयासों के वावजूद भी विद्यालय के स्थिति दिन प्रतिदिन चिंतनीय होती जा रही है ।

 

सेवारत प्राचार्या सुधा सिंह द्वारा निरंतर विद्यालय के शिक्षा स्तर में सुधार की कोशिस जारी है। किरीबुरु मुख्य महाप्रबंधक कमलेश राय ने कहा कि रोड मैप तैयार कर डीएवी संस्था द्वारा प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरीबुरूको संचालित किए जानेकी मंशा बनाई जा रही है ।सेल किरीबुरु मुख्य महाप्रबंधक कमलेश राय ने कहा कि शिक्षा का विकास ही बच्चोंको सही मायने मेंज ीवन में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त कर सकती

है ।

उनका यह सतत प्रयास रहा है कि किरीबुरू क्षेत्र के बच्चे प्रतियोगी परीक्षा में उतीर्ण हो ।

अच्छे ज्ञान के आधार पर ही बच्चे आगे बढ प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण हो, समाज में उदाहरण बन सकते है।इसके लिए प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरीबुरु को एक अच्छे शिक्षण संस्थान के द्वारा संचालित किया जाना नितांत आवश्यक है ।उन्होंने अपने शब्दों में डीएवी संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा डीएवी की पहचान देश एवं विदेश में एक अच्छे संस्था के रूप में है ।अतः उनका प्रयास रहेगा कि गुरु किरीबुरु क्षेत्र बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल स्थान मिले,जो की एक उत्कृष्ट संस्था के द्वारा संचालन से ही संभव है ।

 

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क्षेत्रीय रीजनल ऑफिसर्स झारखण्ड ए जोन जमशेदपुर ओपी मिश्रा ने कहा कि अगर किरीबुरु में डीएवी स्कूल खुलता है तो यहां के बच्चों को प्रमुखता पूर्वक उच्च कोटि का शिक्षा प्रदान कर उन्हें राष्ट्र का सच्चा प्रहरी बनाया जाएगा ।क्षेत्रीय आदिवासियों एवं गरीबों को प्रमुखता पूर्वक शिक्षा दे उन्हें समाज के उत्कृष्ट पथ पर अग्रसर किया जाएगा ।

उन्होने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डीएवी ज्ञान रुपी सुगंध बिखेर रही है ।शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में अच्छा संस्कार दे, उन्हें मानव बनाना है। स्कूल का माहौल ऐसा होना चाहिए कि बच्चों के कंपन में शिक्षा दिखाई पड़े।स्कूल शिक्षा का वह केंद्र है जो मंदिर और मस्जिद से भी ज्यादा पवित्र है। आगे उन्होंने बताया कि जो शिक्षा स्कूल में मिलती है, वह मंदिर और मस्जिद में भी नहीं मिल सकती हैं ।स्कूल मस्जिद और मंदिर से भी ज्यादा पवित्र स्थान होता है । जहां पर ईश्वर की सबसे अनमोल कृति नन्हे- नन्हे बच्चे एक अच्छे इंसान, भविष्य के भारत के निर्माता बनते हैं ।

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