गुवा गुरुद्वारा में हर्ष उल्लास के साथ 325वा खालसा पंथ स्थापना दिवस सह बैसाखी पर्व मनाया बैसाखी से सिखों के नए साल की शुरुआत होती है – -दिलबाग सिंह

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित गुवा स्थित गुरूद्वारा में 325 वा खालसा पंथ स्थापना दिवस सह सिखों का ऐतिहासिक वैशाखी पर्व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। बैशाखी पर्व से पूर्व गुरुद्वारा प्रांगण में स्थापित निशान साहब को पहले दुध, दही आदि से नहलाकर उनका चोला बदला गया। इस दौरान गुरुद्वारा के ग्रंथि दिलबाग सिंह ने पूजा पाठ कर कीर्तन किया गया। बैशाखी के अवसर पर सीख समुदाय ने 325 वा खालसा स्थापना दिवस के रूप में मनाया गया।
साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। दोपहर में गुरुद्वारा प्रांगण में लंगर का भव्य आयोजन किया गया जिसमें गुवा शहर के सभी वर्ग के सैकड़ों लोग शामिल हुए। सेल गु वा मुख्य महाप्रबंधक कमल भास्कर एवं महिला समिति अध्यक्षा डा० स्मिता भास्कर की अध्यक्षता एवं पुजारी दिलबाग सिंह के अगुआई में आगन्तुको का भव्य स्वागत किया गया ।पुजारी दिलबाग सिंह ने बताया कि बैसाखी से सिखों के नए साल की शुरुआत होती है ।
इसी दिन सिख पंथ के गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने सन् 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी ।
तभी से बैसाखी का त्योहार मनाया जाता है । इस दिन सूर्य मेष राशि में गोचर करते हैं जिस कारण इसे मेष संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है ।
इस दौरान दिलबाग सिंह, प्रेमजीत सिंह, कलविंदर सिंह, जसपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह, कमलजीत सिंह, पुनीत
सिंह,
सुमित सिंह के अलावे गुवा सेल के उपमहाप्रबंधक एनके झा, महाप्रबंधक श्रीमंत पांडा, एनके झा, दीपक प्रकाश, संजय बनर्जी, राकेश नंदकोलियर, डॉ विप्लव दास, डॉ एस सरकार सहित काफी संख्या में सिख समुदाय के लोग मौजूद थे।