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रेप के आरोप में धरा गए डिप्टी कलेक्टर, पुलिस ने किया गिरफ्तार, महिला ने लगाया डराने-धमकाने का आरोप

न्यूज़ लहर संवाददाता
मध्यप्रदेश: उज्जैन में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर डॉ. अभय सिंह खराडी को बड़वानी पुलिस ने महिला कर्मचारी से रेप के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। बड़वानी की महिला थाना प्रभारी अलका मेनिया ने बताया कि उज्जैन में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराडी के खिलाफ एक महिला कर्मचारी ने रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी।इस शिकायत की जांच के बाद डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ रेप सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।आरोपी डिप्टी कलेक्टर पूर्व में बड़वानी में पदस्थ थे, जब उन पर महिला को डरा धमकाकर उसके साथ रेप का आरोप लगा।

मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी डिप्टी कलेक्टर को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने उज्जैन, इंदौर, धार सहित कई स्थानों पर छापेमारी करते हुए भोपाल से डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराडी को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया गया।बड़वानी के जिला न्यायालय ने डिप्टी कलेक्टर को जेल भेज दिया है।आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर ने पुलिस से बचने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन साइबर सेल की मदद से आखिरकार बड़वानी पुलिस ने भोपाल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया।मामला संगीन होने की वजह से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है।बताया जाता है कि डिप्टी कलेक्टर ने पुलिस से बचने के लिए मोबाइल भी बंद कर दिया था।

हालांकि मोबाइल की आखिरी लोकेशन भोपाल की मिली थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने छापामारी की और डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार कर लिया।उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि यदि कोई सरकारी अधिकारी 48 घंटे तक पुलिस हिरासत या जेल में रहता है तो नियम अनुसार उनकी जानकारी वरिष्ठ प्रशासनिक कार्यालय भोपाल को भेजी जाती है। इसके बाद वहां से निर्देश जारी होते हैं। अक्सर यह देखने में आया कि ऐसे मामलों में अधिकारियों के निलंबन के आदेश भी भोपाल से आते हैं।

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