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जमशेदपुर में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव पर विशाल ब्राह्मण महाजुटान, इंदु सोनाली और चंदन तिवारी के भक्ति गीतों ने बांधा समां

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित रीगल मैदान में रविवार को भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पारिवारिक मिलन सह महाजुटान का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन को लेकर शहर के ब्राह्मण समाज में विशेष उत्साह देखा गया। हज़ारों ब्राह्मण परिवारों ने इस विराट कार्यक्रम में शिरकत की।

 

कार्यक्रम के प्रथम सत्र की शुरुआत 101 पुरोहितों द्वारा सामूहिक स्वस्ति वाचन एवं भगवान परशुराम जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और आरती से हुई। श्रमिक नेता राकेश्वर पांडेय ने स्वागत भाषण दिया, जिसके बाद मुख्य वक्ता दिवेंदु त्रिपाठी ने भगवान परशुराम के जीवन पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. अरविंद कुमार पांडेय, शिक्षाविद डॉ. त्रिपुरा झा, टाटा मोटर्स के पूर्व डिप्टी प्लांट हेड मानस मिश्रा, और बिष्टुपुर श्रीराम मंदिर के प्रमुख पुजारी श्री पुण्डमाचार्या ने सभा को संबोधित किया।

 

समारोह में समाज में सक्रिय और उल्लेखनीय योगदान देने वाले ब्राह्मणों को सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में राकेश्वर पांडेय, मानस मिश्रा, सुरेश्वर पांडेय, आनंद बिहारी दूबे, चंद्रशेखर मिश्रा, राजेश शुक्ल, अनिल तिवारी, रविंद्र झा उर्फ़ नट्टु झा, विजय खाँ, डीके मिश्रा, महेंद्र मिश्रा, समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। ब्राह्मण युवा शक्ति संघ के संस्थापक अप्पू तिवारी ने सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक कमल किशोर को पगड़ी और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।

 

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में सांस्कृतिक एवं भक्तिमय संगीत संध्या का आयोजन हुआ। इस अवसर पर भोजपुरी की प्रख्यात गायिका इंदु सोनाली और चंदन तिवारी ने अपनी टीम सहित भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन के निमित्त 25 हज़ार ब्राह्मण परिवारों तक निमंत्रण पत्रिका भेजी गई थी और सभी आंगतुकों के लिए प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी।

 

श्री परशुराम जन्मोत्सव समारोह के सफ़ल क्रियान्वयन के लिए कमल किशोर के संयोजन में कई उप समितियाँ गठित की गई थीं, जिनमें स्वागत समिति, भोजन समिति, व्यवस्था समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति, यातायात समिति, मीडिया प्रकोष्ठ, और परिवहन समिति शामिल थीं। इसके अलावा, 25 सदस्यीय व्यवस्था प्रमुख भी नामित किए गए थे, जिनकी देखरेख में ये समितियाँ कार्यरत थीं। कमल किशोर, राकेश्वर पांडेय, नकुल तिवारी, मुन्ना चौबे, ओमप्रकाश उपाध्याय, श्रीनिवास तिवारी, वेदप्रकाश उपाध्याय, हरेंद्र मिश्रा, राजेश झा, रविंद्र मिश्रा, धनुर्धर त्रिपाठी, अप्पू तिवारी, आनंद जी ओझा, पवन तिवारी, विजय तिवारी, और कई अन्य सदस्यों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

इस भव्य आयोजन ने ब्राह्मण समाज को एकजुट करने और आपसी मेल-जोल को बढ़ावा देने में अहम योगदान दिया। भगवान श्री परशुराम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हुए इस महाजुटान ने सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

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