आपातकाल के दौरान की दुखद कहानी: जमशेदपुर के ठाकुर जी सिंह का परिवार बर्बाद”

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित जमशेदपुर के स्वर्गीय ठाकुर जी सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती उर्मिला देवी का परिवार आपातकाल के दौरान एक भयानक परिस्थिति में फंस गया। ठाकुर जी सिंह को गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया, जबकि उनके बड़े बेटे को आनंद नगर में एक सरकारी सहायता से उपनिवेश के लिए भगा दिया गया। उनकी पत्नी ने भी अत्यंत चिंतित की बात कही, जहां उनके बच्चे निवास करते थे।
इसी दौरान, आनंद नगर में हिंसक घटनाओं की आंधी चली, जिसमें संविदानिक स्वतंत्रता के प्रतिरोध के नाम पर हजारों की भीड़ ने होस्टल और संदेशालय को जला दिया। बच्चों को भी उनके घरों लौटने के लिए बोल दिया गया, जिनमें बच्चों को अपने-अपने घरों तक पहुंचने में कठिनाई हुई। यह घटनाएँ बच्चों को असुरक्षित और विवादास्पद परिस्थितियों में फंसने का खतरा बढ़ा देती हैं।
इस प्रकार, जमशेदपुर के ठाकुर जी सिंह का परिवार आपातकाल के दौरान विवादों और असुरक्षितता के बीच संघर्ष कर रहा है। इस संक्षिप्त कहानी ने उनकी आत्मीयता को प्रकट किया है, जो आपातकाल के क्रूरता और अन्याय के खिलाफ लड़ते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है।