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शिव कथा वाचक प्रदीप मिश्रा के खिलाफ 13 अखाड़ों के संतों ने खोला मोर्चा, कहा- माफी नहीं मांगी तो नहीं होने देंगे कथा, अरबों की संपत्ति की हो जांच 

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

मध्यप्रदेश: राज्य के प्रसिद्ध शिव कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के बयानों के बाद MP के उज्जैन में विरोध बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को उज्जैन के थाना जीवाजीगंज में महामंडलेश्वर सुमनानंद महाराज ने पंडित मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, वहीं बुधवार को 13 अखाड़ों के साधु-संत, षटदर्शन संत समाज और तीर्थ पुरोहित एकजुट होकर पंडित मिश्रा को माफी मांगने की चेतावनी दी है।

संतों ने कहा है कि जब तक पंडित मिश्रा माफी नहीं मांगते, वे उज्जैन में कथा नहीं करने देंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पंडित मिश्रा द्वारा टोने-टोटकों से अर्जित की गई अरबों की संपत्ति की जांच करवाई जाए। मंगलवार को पंडित प्रदीप मिश्रा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे गोस्वामी तुलसीदास जी को गंवार बताते हुए दिख रहे थे। इस मामले में महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि महाराज ने पंडित मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने राधा रानी के पति का नाम अनयघोष, सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला बता दिया था। इस बयान पर भी श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम के पुजारी पंडित रूपम व्यास ने आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने पंडित मिश्रा से नाक रगड़कर माफी मांगने की मांग की है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह देखना बाकी है कि वे माफी मांगते हैं या नहीं।

मंगलवार को एक शिकायती आवेदन उज्जैन शहर के थाना जीवाजीगंज पुलिस के पास पहुंचा। आवेदन स्वामी डॉक्टर सुमनानंद गिरि महाराज महामंडलेश्वर द्वारा दिया गया। आवेदन में शिकायतकर्ता महामंडलेश्वर ने कहा कि बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। अन्यथा विवश होकर न्यायालय की शरण लेना पड़ेगी। एडीएम अनुकूल जैन संतों के पास पहुंचे और उनकी बात सुनी। प्रदीप मिश्रा की संपत्ति की जांच व उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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