रांची में जमीन के कारोबार में विवाद: कुख्यात अली खान गिरोह के चार अपराधी गिरफ्तार, हथियार बरामद,मुख्य आरोपी की तलाश जारी*

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड :राजधानी रांची के डोरंडा इलाके में हथियार के बल पर जमीन का कारोबार करने वाले कुख्यात अपराधी अली खान गिरोह के चार अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया है। जेल भेजे गए अपराधियों में सरगना अली का ससुर आजम अहमद के अलावा आफताब आलम, निजाद अख्तर उर्फ बिट्टू और रौशन तस्लीम का नाम शामिल है। सभी आरोपी डोरंडा के ही रहने वाले हैं। पुलिस अब पीड़िता शबाना परवीन और उसके भाई शकील अख्तर को टारगेट कर गोली चलाने वाले आरिफ उर्फ हनुमान और मोइन खान के अलावा अली खान, शहबाज उर्फ चोंच, गवाला, फैज कुरैशी और मुगगी कुरैशी समेत अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि 3 वर्ष पहले हिनू स्थित फन सिनेमा के समीप हुए जमीन कारोबारी अल्ताफ हत्याकांड में शामिल अली खान ने अपने ससुर आजम खान के इशारे पर ही पूरे घटना का अंजाम दिया है। इसके लिए गिरोह के सदस्य आरिफ उर्फ हनुमान और मोइन खान के अलावा अन्य लोगों का सहयोग लिया है। फिलहाल पुलिस नामजद अभियुक्त अली, आरिफ और मोइन समेत अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मालूम हो कि डोरंडा थाना क्षेत्र स्थित मणिटोला में जमीन विवाद में अपराधियों ने गोलीबारी की थी। हालांकि किसी को गोली नहीं लगी थी।
*8 नामजद और 30 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, महिला और उसके भाई को टारगेट कर चलाई थी गोली*
गोलीबारी की घटना के बाद शबाना प्रवीण के बयान पर पुलिस ने 8 नामजद और 30 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता शबाना ने बताया है कि मणिटोला स्थित अर्धनिर्मित मकान को अपराधियों ने तोड़ दिया था। इसके बाद जब वह अपने पति जावेद और भाई शकील के साथ वहां पहुंची तो अली ने गाली-गलौज करते हुए गोली मारने को कहा। इसके बाद आरिफ ने उसे टारगेट कर 3 गोली चलाई, लेकिन अचानक नीचे झुक जाने की वजह से गोली नहीं लगी। इसके बाद मोइन ने उसके भाई शकील को टारगेट कर दो गोली चलाई, जो नहीं लगी। पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
*खुद को राजनीतिक पार्टी का बताते हैं नेता, दो रायफल और 26 गोली बरामद*
जेल भेजे गए आजम अहमद खुद को एक राजनीतिक पार्टी का नेता बताते हैं। हाजत में बंद रहने के दौरान भी वह थाने में पुलिस पदाधिकारियों के समक्ष खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और नेता बताकर निर्दोष होने का दावा करते रहे। हालांकि पुलिस का कहना था कि आजम ने ही अपने अपराधिक प्रवृत्ति के दमाद अली खान से गोली चलवाया है। पुलिस ने आजम अहमद के पास से दो लाइसेंसी रायफल भी बरामद की है, जिसे जमीन विवाद में हुए गोलीबारी के दौरान उसने निकाला था। दोनों रायफल के साथ 26 गोली भी बरामद की गई है। अनुसंधान के दौरान अब पुलिस जब्त रायफल का लाइसेंस रद्द कराने के लिए प्रक्रिया शुरू करेगी।