नक्सलियों से बरामद डायरी मैं दर्ज नामों से कई ग्रामीण परेशान
न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड: पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित गुवा थाना अन्तर्गत लिपुंगा गांव क्षेत्र के जंगल में जून माह में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारे गये पांच कुख्यात नक्सलियों के पास से पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण डायरी बरामद किया गया था। बताया जा रहा है कि इस डायरी में नक्सलियों ने अपने सहयोगी से लेकर पुलिस का मुखबिरी करने वाले विभिन्न गांवों के कई ग्रामीणों व युवकों का नाम लिखा हुआ था। इन नामों का खुलासा होने के बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त है। पुलिस कुछ युवकों को बुलाकर पूछताछ भी की है। ऐसे ही कुछ लोगों ने बताया कि वह कभी भी पुलिस के लिये मुखबिरी नहीं किये हैं और ना ही नक्सलियों के साथ कभी किसी बैठक या गतिविधियों में शामिल हुये हैं। ऐसी स्थिति में नक्सली उनका नाम अपनी डायरी में कैसे लिखे थे, यह हमारे लिये चिंता का विषय है। एक युवक ने बताया कि हमें पता चला कि उसका नाम नक्सली अपनी डायरी में पुलिस मुखबीर के रुप में लिखे हैं। यह हमारे लिये चिंता का सवाल है।
गांव के लोग व्यक्तिगत दुश्मनी साधने हेतु गलत तरीके से नक्सलियों को गुमराह कर अपने-अपने दुश्मनों को पुलिस का मुखबिर बताकर उनके दुश्मन बना देते हैं, जबकि प्रायः मामलों में कोई सच्चाई नहीं होती है। नक्सली भी सत्यता की जांच किये बगैर गलत तरीके से कार्यवाही करते हैं, जबकि नक्सलियों को भी वास्तविक सच्चाई का पता लगाना चाहिए। दूसरी तरफ लिपुंगा की घटना के बाद से लिपुंगा गांव के कई ग्रामीण व युवक गांव छोड़कर भाग गये हैं। उन्हें भय है कि नक्सली गलत आरोप लगाकर उनके खिलाफ कार्यवाही न कर दें। पहले भी नक्सली इस गांव के कुछ ग्रामीणों की पिटाई गलत तरीके से कर चुके हैं। लेकिन अब ग्रामीणों को लग रहा है कि गांव के बगल में हुई मुठभेड़ में जब पांच नक्सली मारे गये और दो पकडे़ गये तो अब भविष्य में नक्सली इस गांव को विशेष रूप से निशाना बना सकते हैं।