जेपीपी का हेमंत सोरेन पर हमला , केन्द्रीय प्रवक्ता माधवेन्द्र ने कहा हेमंत जी आदिवासियों को भी फलने – फूलने दें

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड :प्रदेश झारखंड पीपुल्स पार्टी (जे•पी•पी) के केंद्रीय प्रवक्ता माधवेंद्र मेहता ने हेमंत सोरेन के पुनः नेता चुने जाने पर कटाक्ष कर कहा – शिबू सोरेन परिवार से बाहर का आदिवासी, बाहरी और बेगारी करने वाला है। शिबू सोरेन राज – परिवार के तहत आदिवासी मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को लिखो – फेको कलम के तर्ज पर इस्तेमाल किया है। यह झामुमो के अन्य आदिवासी नेताओं के लिए भी एक तरह का संदेश – फरमान है कि आगे बढ़ना उनके नसीब में नहीं है, बल्कि वे रबर – स्टाम्प की तरह इस्तेमाल होते रहेंगे | झामुमो पार्टी राजतंत्र व्यवस्था के तहत कोल्हान – टाइगर चंपई सोरेन को बिल्ली बना दिया गया। चंपई सोरेन ने लोकसभा चुनाव में इंडी – गठबंधन का ग्राफ बढ़ाया, पर उन्हें कई बार अपमानित किया गया। लोकसभा चुनाव के दौरान रांची में हुई इंडी – गठबंधन की रैली में उन्हें मंच पर किनारे जगह दी गई, जबकि शिबू सोरेन परिवार की बहू कल्पना सोरेन बिना कोई पद के भी मंच के बीच में बैठी।
153 दिन पहले परिवारवाद से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री चुनने का नाटक करने वाले झामुमो का असली चेहरा और चरित्र से नकाब उतर गया है उसी तरह जैसे शिबू सोरेन ने 1993 में साढ़े तीन करोड़ की रिश्वत कांड में तिहाड़ जेल हुई। कांग्रेस के गुंडो द्वारा झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष निर्मल महतो की हत्या हुई और इसी कांग्रेस से 1980 ईस्वी से झामुमो का गठबंधन आज तक है। 1991 ईस्वी में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा था – मेरी लाश पर झारखंड बनेगा, पर इसके विपरीत जब से झारखंड राज्य बना है झामुमो का लालू प्रसाद यादव की आर•जे•डी• पार्टी के साथ गठबंधन बनी हुई है। 1970 से 1980 दशक में टुंडी में गांव की सरकार अनुकरणीय था, लेकिन सत्ता में क़ाबिज़ होते ही जल – जंगल – ज़मीन की लड़ाई झामुमो की समाप्त हो गई। हाल – फिलहाल में विधायक सरफ़राज़ अहमद को इस्तिफ़ा दिलाकर पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल से निर्देश देकर अपनी पत्नी को विधायक बनवा दिया, ताकि उन्हें चंपई सोरेन की जगह पर मुख्यमंत्री बनाया जा सके, पर अब जेल से जमीन घोटाले में बेल पर छूटे हेमंत सोरेन ने कल्पना सोरेन के मुख्यमंत्री बनने की कल्पना को काल्पनिक – कथा राज्य की जनता को जता कर फिर से मुख्यमंत्री का ताज पहनेंगे। पानी की तरह अब साफ हो चुका है कि यह शिबू सोरेन परिवार सत्ता से बाहर जल बिन मछली की तरह से है।