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प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार के खिलाफ गंभीर आरोपों में सुनवाई, पुलिस डायरी की मांग

 

*न्यूज़ लहर संवाददाता*

झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित जमशेदपुर के बिष्टुपुर सीएच एरिया जज कॉलोनी निवासी प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार के मामले में एडीजे दो की अदालत में आज सुनवाई के दौरान पुलिस डायरी की मांग की गई है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की है। नरेंद्र कुमार के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में दुष्कर्म, गर्भपात, प्रताड़ना और दूसरी शादी करने की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राथमिकी में नरेंद्र कुमार की पत्नी शीतल कुमारी ने उन पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। शीतल कुमारी ने बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके 24 घंटे के भीतर ही केस दर्ज कर लिया गया। मामले में धारा 376 (दुष्कर्म), 498 (प्रताड़ना), 494 (पत्नी के रहते दूसरी युवती से शादी करना), और 313 (गर्भपात) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शीतल कुमारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि नरेंद्र कुमार विवाद के बाद उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे और तीन बार गर्भपात भी कराया है। महिला ने अपना पता भी सीएच एरिया जज कॉलोनी ही लिखा है। इस मामले में बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 227/24 दर्ज की गई है।

 

न्यायिक दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार ने एडीजे दो की अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस डायरी की मांग करते हुए स्थगित कर दिया। इस फैसले से नरेंद्र कुमार को जोरदार झटका लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जमानत नहीं दी। आगे की कार्यवाही के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं । हाॅलाकि  न्यायिक दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार का तबादला गोड्डा हो गया  है ।

यह मामला न्यायिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील है, और इसके प्रभाव व्यापक हो सकते हैं। न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार, अब आगे की जांच और सुनवाई में सभी तथ्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।

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