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बागबेड़ा में पानी की किल्लत को लेकर ग्राम विकास समिति ने किया महा जन जुटान, जलापूर्ति न होने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी**

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखण्ड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित जमशेदपुर में ग्राम विकास समिति के आह्वान पर रविवार को बागबेड़ा लाल बिल्डिंग दुर्गा मंडप के समक्ष महा जन जुटान का आयोजन हुआ। भारी बारिश के बावजूद लोगों की भारी भीड़ इस महाजुटान में शामिल हुई। इस महाजुटान में बागबेड़ा जलापूर्ति योजना से अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं होने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

**जलापूर्ति योजना में देरी का इतिहास**

 

वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बागबेड़ा जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया था और घोषणा की गई थी कि यह योजना तीन वर्षों में पूरी कर ली जाएगी। इसके बावजूद नौ वर्षों बाद भी यह योजना अधूरी है। स्थानीय लोगों ने इसे पेयजल स्वच्छता विभाग और कार्यपालक एजेंसी की लापरवाही का परिणाम बताया।

**बागबेड़ा की जल संकट की स्थिति**

 

बागबेड़ा, घाघीडीह, किताडीह और करनडीह के लगभग 1.5 लाख लोग पानी के संकट का सामना कर रहे हैं। भूमिगत जल स्तर 700 से 800 फीट नीचे चला गया है, जिससे पानी की उपलब्धता और भी मुश्किल हो गई है। घाघीडीह में लोग पानी के लिए सुबह 4:00 बजे से लंबी कतारों में खड़े रहते हैं।

**स्थानीय लोगों के संघर्ष का सफर**

 

क्षेत्र के लोगों ने इस योजना को पूरा कराने के लिए कई बार धरना, प्रदर्शन, अनशन, उपवास, मानव शृंखला, जल सत्याग्रह, पदयात्रा और बागबेड़ा से रांची तक पदयात्रा की। जिले के उपायुक्त से लेकर पेयजल स्वच्छता विभाग के पदाधिकारी और विभागीय मंत्री तक कई बार मांग पत्र सौंपे गए हैं।

**महा जन जुटान का फैसला**

 

महाजुटान में लोगों ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि अगर विधानसभा चुनाव से पहले जलापूर्ति योजना से जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे “पानी नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

**प्रमुख उपस्थित लोग**

 

इस महाजुटान में जेपी गोस्वामी, श्याम किशोर, परमेश्वर प्रसाद, राम प्रसाद कुशवाहा, किशोर यादव, नीरज सिंह, शिवाजी सिंह, धर्मेंद्र चौहान, चतुर्भुज सिंह, गुरमेल सिंह, इमाम साहब, शेख सलाऊदीन, भोला प्रसाद भगत, रामवृक्ष शर्मा, अशोक सिंह, ओम प्रकाश यादव, मनोज गुप्ता, मनोज यादव, भोला यादव, जमुना यादव सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

**समापन**

 

यह महा जन जुटान क्षेत्र के लोगों की बढ़ती नाराजगी को स्पष्ट करता है। यह समय की मांग है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द इस योजना को पूरा करे, ताकि लोगों की पानी की समस्या का समाधान हो सके और जनता का विश्वास बहाल हो सके।

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