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चौका के नक्सल प्रभावित गांव में झोपड़ी धंसने से वृद्ध दंपति की मौत**

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड : सरायकेला खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित गांव रेयाड़दा में बारिश के कारण झोपड़ी धंसने से वृद्ध दंपति की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय डुम्बा मुंडा और उसकी पत्नी 50 वर्षीय लोबदा मुंडा के रूप में हुई है। शुक्रवार की रात हुई भारी बारिश के कारण उनकी झोपड़ी अचानक धंस गई, जिससे मलबे में दबकर दोनों की मौत हो गई।

**घटना का विवरण:**

 

रेयाड़दा गांव, जो एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, वहां रहने वाले डुम्बा मुंडा और उनकी पत्नी लोबदा मुंडा अपनी झोपड़ी में सो रहे थे, जब भारी बारिश के कारण उनकी झोपड़ी धंस गई। इस घटना में उनके साथ ही उनके द्वारा पाले गए मुर्गियाँ और बकरियाँ भी दबकर मर गईं।

**परिवार की स्थिति:**

 

मृतक दंपति का झोपड़ा सड़क से लगभग आधा किलोमीटर ऊपर जंगल में स्थित था। वहां तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं है, जिससे बचाव कार्य में भी बाधा आई। डुम्बा मुंडा और लोबदा मुंडा के नाम पर अभी तक कोई भी सरकारी आवास नहीं था।

**पुलिस की कार्यवाही:**

 

मृतकों के परिजनों ने जंगल के रास्ते होते हुए शवों को आधा किलोमीटर नीचे सड़क तक लाया और फिर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

**सरकारी सहायता की आवश्यकता:**

 

मृतक के परिजन बुधराम सरदार ने बताया कि डुम्बा मुंडा और लोबदा मुंडा का अब तक किसी भी सरकारी योजना के तहत आवास नहीं बना था। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और सरकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाने की गंभीरता को उजागर किया है। सरकार से अनुरोध किया जा रहा है कि वह प्रभावित परिवार की मदद करे और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह दुखद घटना यह दर्शाती है कि कैसे झारखंड के कई ग्रामीण इलाकों में अब भी लोग बुनियादी जरूरतों के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं। सरकारी आवास योजना और अन्य विकास परियोजनाओं की आवश्यकता पर जोर देना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में रोकी जा सकें।

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