इंद्रजीत मुखर्जी के परिवार पर मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप, लाबोनी मुखर्जी ने दर्ज कराई शिकायत*
न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखण्ड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित जमशेदपुर के साकची निवासी इंद्रजीत मुखर्जी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ साकची निवासी लाबोनी मुखर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि इंद्रजीत मुखर्जी, उनकी पत्नी रेखा मुखर्जी, और उनके बेटे सोनाई मुखर्जी ने लाबोनी मुखर्जी के साथ मारपीट और गाली-गलौच की, जबकि छोटे बेटे मोनाई मुखर्जी पर छेड़छाड़ का आरोप है।
*घटना का विवरण:*
लाबोनी मुखर्जी, जो साकची के टैंक रोड पर स्थित एक लॉ फर्म में कार्यरत हैं, ने बताया कि वह और प्रभाती चटर्जी, 8 अगस्त 2024 को दोपहर 12:30 बजे इंद्रजीत मुखर्जी के घर पहुंचे। उनका उद्देश्य इंद्रजीत मुखर्जी के वाशरूम से हो रहे पानी के सीपेज की समस्या को हल करने के लिए बात करना था, जो उनके ऑफिस के वाशरूम को प्रभावित कर रहा था।
जब वे उनसे समस्या के समाधान की बात करने गए, तो इंद्रजीत मुखर्जी ने उन्हें गंदी-गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। इसके बाद, जब लाबोनी मुखर्जी और प्रभाती चटर्जी छत पर गए, तो इंद्रजीत मुखर्जी के छोटे बेटे मोनाई मुखर्जी ने लाबोनी मुखर्जी के दुपट्टे को खींचकर उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। इस दौरान, रेखा मुखर्जी ने लाबोनी मुखर्जी के बाल पकड़कर उन्हें पीछे खींच लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
*पार्टीशन सूट का मामला:*
प्रभाती चटर्जी ने यह भी बताया कि पहले से ही इंद्रजीत मुखर्जी और उनके परिवार के खिलाफ कोर्ट का फैसला है। श्रीमती उमा चटर्जी द्वारा पार्टीशन सूट के तहत 2007 में कोर्ट ने रणजीत मुखर्जी, बिश्वजीत मुखर्जी, इंद्रजीत मुखर्जी और अन्य के खिलाफ निर्णय दिया था। इसके बाद EX CASE NO. 3 A /2010 के तहत21 सितंबर 2019 को खाली कराया जा रहा था,उसी दिन अधिवक्ता मनीष दास ने कोर्ट की ओर से आए नाजीर से अनुरोध किया किया कि तीन महिना के बाद खाली कर उमा चटर्जी को सौंप देंगे।नाजीर ने मनीष दास के अनुरोध को ठुकरा दिया।उमा चटर्जी के अधिवक्ता संजय कुमार सिंह से मनीष दास ने अनुरोध किया कि वे खाली करा कर तीन महीना में सौंप देंगे। आज तक मनीष दास ने हिस्सा को नहीं सौंपा।उमा चटर्जी की पुत्री प्रभाती चटर्जी ने इंद्रजीत मुखर्जी और उनकी पत्नी रेखा से अपने हिस्से को खाली करने को कहा,तब उक्त लोगों ने बावन लाख रुपए की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता मनीष दास ने कहा है आप लोग बावन लाख रुपए लेकर कर ही खाली करना।
*पैसे के लिए दबाव:*
प्रभाती चटर्जी ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता मनीष दास ने इंद्रजीत मुखर्जी को 52,00,000/- रुपये लेकर घर खाली करने का दबाव बनाने की बात कही थी। आज दोपहर 3 बजे इंद्रजीत मुखर्जी और रेखा मुखर्जी ने थाना परिसर में पुलिस अधिकारी के सामने इस बात को स्वीकार किया।
*पुलिस से न्याय की मांग:*
लाबोनी मुखर्जी ने पुलिस से अपील की है कि इंद्रजीत मुखर्जी, रेखा मुखर्जी, सोनाई मुखर्जी, मोनाई मुखर्जी और अधिवक्ता मनीष दास के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके खिलाफ साजिश के तहत की गई है, और उन्हें न्याय की आवश्यकता है।
साकची पुलिस थाने के प्रभारी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने लाबोनी मुखर्जी की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की गहन छानबीन की जा रही है।