लखनऊ में अवैध कारोबार का भंडाफोड़; यूपी FSDA और STF ने पकड़ा करोड़ों का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे**
न्यूज़ लहर संवाददाता
*यूपी:* राजधानी लखनऊ में अवैध ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। उत्तर प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए हैं। इस दौरान दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
**आशियाना क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी**
गुरुवार को एसटीएफ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 11:00 बजे तस्कर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई करने के लिए बंगला बाजार चौराहे से तेलीबाग रोड पर सिंचाई विभाग कॉलोनी के सामने स्कॉर्पियो गाड़ी से निकले थे।
मुखबिर की सूचना पर पहले से ही तैयार एसटीएफ और FSDA की टीम ने गाड़ी को रोककर तलाशी ली, जिसमें अवैध रूप से रखी गई दो बोरियों में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पाए गए। तस्करों से पूछताछ के बाद पारा थाना अंतर्गत मायापुरम में स्थित गोदाम से भी भारी मात्रा में अवैध ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए गए।
**गाय और भैंस के दूध बढ़ाने में होता है इस्तेमाल**
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का उपयोग आमतौर पर पशुओं के दूध निकालने, सब्जियों और फलों को तेजी से विकसित करने के लिए किया जाता है। हालांकि, यह इंजेक्शन मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। इसके कारण इस पर कानूनी प्रतिबंध लगाया गया है, फिर भी अवैध रूप से इसका कारोबार फल-फूल रहा था।
**आशियाना थाने में दर्ज हुआ मुकदमा**
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के खिलाफ आशियाना थाने में औषधि प्रशासन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पकड़े गए तस्करों के पास से 2 लाख 80 हजार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुए हैं, जिनकी बाजार में अनुमानित कीमत 1.37 करोड़ रुपए है।
**गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण**
गिरफ्तार अभियुक्तों में लखनऊ के पारा थाना अंतर्गत मायापुरम कॉलोनी निवासी अनमोल पाल और हरदोई जनपद के थाना संडीला अंतर्गत ग्राम गोगांव निवासी दिनेश कुमार शामिल हैं। इन दोनों को मौके से गिरफ्तार किया गया है।
**बिहार से लाकर होती थी तस्करी**
जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पूछताछ के दौरान तस्करों ने बताया कि वे बिहार से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को मिनरल वाटर बताकर पार्सल के जरिए मंगाते थे। बाद में इन इंजेक्शनों को अलग-अलग साइज के ऐम्पूल में पैक करके लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे। फिलहाल, इस मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करों के नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।