Regional

42 वर्षों बाद भी पनसुवा डैम से खेतों में पानी नहीं पहुंचा: ग्रामीण चुनाव बहिष्कार पर विचार कर रहे हैं**

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित सोनुवा प्रखंड के पनसुवा डैम का निर्माण 42 साल पहले हुआ था, लेकिन आज भी इस डैम का पानी ग्रामीणों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीण अब चुनाव बहिष्कार करने पर विचार कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने कई बार सांसद और पूर्व विधायक को ज्ञापन दिया है, साथ ही संबंधित विभाग को भी कई बार आवेदन किया है, लेकिन आज तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। झारखंड पार्टी के केंद्रीय सचिव और अधिवक्ता महेंद्र जामुदा ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने पाया कि अर्जुनपुर, शंकरासाई, सोसोकुदर, सारान्डिया, पोस, भूतनाशा, और बुरुडीह गांवों के खेतों में पानी की गंभीर कमी है।

ग्रामीणों ने अपने प्रयास से जेसीबी लगाकर और खुद से कुदाल चलाकर खेतों में पानी लाने का काम शुरू किया है। उन्होंने अब तक 70,000 रुपये खर्च किए हैं, लेकिन काम अभी बाकी है। गांव के रमेश्वर महतो और अनंतराम महतो ने जेसीबी का भाड़ा खुद देने का निर्णय लिया है।

जिला उपाध्यक्ष नितिन जामुदा ने वर्तमान सरकार की जल नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार का दावा है कि “जल, जंगल, जमीन हमारा है,” लेकिन पानी खेतों को मिलने के बजाय कहीं और जा रहा है।

इस मुद्दे पर मुण्डा रमाकान्त कटिहार, नेल्सन संजय होनहगा, जॉन गिलुवा, जितेन्द्र गिलुवा, समीर गिलुवा, विवेक गिलुवा, विजय पुर्ती, धनश्याम हेम्बोम, देवेन्द्र नायक, और अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

Related Posts