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नदी में डूबी बच्ची का शव लगभग 26 घंटे के बाद हुआ प्राप्त**

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड: पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित चाईबासा के सरायकेला मोड़ स्थित रोरो नदी में डूबी 13 वर्षीय बच्ची जिगरा खान का शव करीब 26 घंटे बाद बरामद हुआ। यह दुखद घटना तब हुई जब जिगरा खान अपनी बड़ी बहन नयाब गौहर के साथ नदी में नहाने गई थी। जिगरा ने नदी में छलांग लगाई, लेकिन गहरे पानी में डूबने लगी। अपनी छोटी बहन को डूबता देख, नयाब ने भी उसे बचाने के लिए छलांग लगाई। हालांकि, वह भी डूबने लगी।

बच्चों को डूबता देख पास में रहने वाली शाहीन परवीन ने तुरंत उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई और किसी तरह बड़ी बहन नयाब को बचा लिया, लेकिन जिगरा को नहीं बचा पाई, और वह बह गई।

घटना के बाद से ही स्थानीय लोग सुबह 7:45 बजे से बच्ची की खोजबीन में जुट गए थे। रातभर नदी के किनारे-किनारे तलाश करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली।

आखिरकार, अगले दिन सुबह लगभग 9:30 बजे, चाईबासा के श्मशान काली मंदिर के पास जिगरा का शव नदी में तैरता हुआ मिला। शव को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से नदी से बाहर निकाला गया।

इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

 

घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ काफी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि घटना के 26 घंटे बीत जाने के बाद भी एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जबकि प्रशासन को तुरंत घटना की सूचना दे दी गई थी। अंचल अधिकारी ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी लिखित रूप में एनडीआरएफ को दी थी, लेकिन टीम नहीं पहुंच पाई।

 

शहरवासियों की मांग है कि चाईबासा जैसे जिला मुख्यालय में एनडीआरएफ की टीम स्थायी रूप से तैनात होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं में तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके और रांची या जमशेदपुर से टीम को बुलाने की जरूरत न पड़े।

 

शव मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया है। जिगरा खान के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

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