Regional

ईचागढ़ में भेड़ियों का आतंक: ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड। सरायकेला-खरसावां जिला ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के जोजोडीह गांव में भेड़ियों के आतंक से ग्रामीण परेशान और डरे हुए हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि लोग दिन के उजाले में भी अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

भेड़िये का हमला

 

रविवार को 40 वर्षीय महिला किष्टोमनी मुण्डा घर के बाहर बैठी थीं, तभी एक भेड़िये ने उन पर हमला कर दिया। महिला के शरीर के कई हिस्सों पर काटने के बाद, जब पंचायत समिति सदस्य के प्रतिनिधि शंकर सिंह मुण्डा ने लाठी लेकर महिला को बचाने का प्रयास किया, तो भेड़िये ने उन्हें भी दबोच लिया।

घायलों का इलाज

 

दोनों को गंभीर चोटें आईं और परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईचागढ़ में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भेड़िया पागल हो गया था, और जब ग्रामीणों ने उसे भगाने का प्रयास किया, तो वह पत्थर से लगकर मारा गया।

ग्रामीणों की चिंता

 

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के आसपास के जंगलों में लोमड़ी और भेड़ियों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है। दिन के समय भी भेड़िये गांव के भीतर आकर लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण खेतों में जाने से डर रहे हैं। रात के समय हाथियों का आतंक भी एक और चिंता का विषय है, जिससे ग्रामीणों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

निष्कर्ष

 

इस घटना ने ईचागढ़ क्षेत्र में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें इस भयावह स्थिति से बाहर निकाला जा सके।

Related Posts