जम्मू और कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने का पीएम मोदी का वादा
न्यूज़ लहर संवाददाता
श्रीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में एक रैली के दौरान राज्य को वापस से राज्य का दर्जा देने का वादा किया। यह घोषणा विधानसभा चुनावों के मद्देनजर की गई, जिसमें पहले चरण में 24 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें करीब 59 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले सात चुनावों में सबसे अधिक है।
जम्मू-कश्मीर की तरक्की का जज्बा
पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत कश्मीरी भाषा में की और कहा कि “हम सब का मकसद जम्मू-कश्मीर की तेज तरक्की है।” उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब आतंकवाद के साये के बिना राज्य में वोटिंग हुई है। उन्होंने किश्तवाड़ और डोडा जैसे क्षेत्रों में उच्च मतदान प्रतिशत की सराहना की और इसे एक नया इतिहास बताया।
तीन खानदानों पर आरोप
मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की बर्बादी के लिए तीन राजनीतिक खानदान जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन खानदानों ने राज्य को डर और अराजकता दी है और नौजवानों को शिक्षा से महरूम रखा है। उन्होंने कहा, “इनकी खुदगर्जी का नतीजा यह हुआ कि नौजवानों में जम्हूरियत से भरोसा उठने लगा।”
बच्चों का भविष्य
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 30 वर्षों में कई बच्चे शिक्षा से वंचित रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद किया गया है।” मोदी ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि जम्मू-कश्मीर के बच्चे अब पढ़ाई करें और उनके हाथों में पत्थर नहीं, बल्कि पेन और किताबें हों।
विकास की नई दिशा
मोदी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में लगभग 50,000 बच्चों को स्कूल में फिर से दाखिला कराया गया है और 15,000 स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा, “हम जम्मू-कश्मीर को टेरर से आज़ाद कराना चाहते हैं और यहां के युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करना मेरा वादा है।”
कश्मीरी पंडितों और अन्य समुदायों का जिक्र
उन्होंने कश्मीरी पंडितों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि तीन खानदानों की राजनीति ने उन्हें घर से बेघर कर दिया। मोदी ने भाजपा की कोशिशों को रेखांकित किया कि सभी समुदायों को जोड़कर विकास किया जाए।
पुरानी राजनीति का अंत
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि ये तीन खानदान जम्मू-कश्मीर में पुराना दौर वापस लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “बीते 35 साल में कश्मीर 3000 दिन बंद रहा, लेकिन पिछले 5 साल में 8 घंटे भी बंद नहीं रहा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की कि वे सोचें कि क्या वे फिर से उस पुराने दौर में लौटना चाहते हैं जब आतंकवाद और अराजकता थी या वे विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
इस रैली के दौरान पीएम मोदी ने भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे और जम्मू-कश्मीर के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।