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बिहार में शराबबंदी के तहत कार्रवाई: आंकड़े और मंत्री की प्रतिक्रिया

न्यूज़ लहर संवाददाता
बिहार। प्रदेश के मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव, विनोद गुंजियाल ने शराबबंदी से संबंधित हालिया आंकड़े साझा किए हैं, जो इस कानून के प्रभावी कार्यान्वयन को दर्शाते हैं।

प्रमुख आंकड़े

– *कुल उत्पाद अभियोग:* 8,43,907
– मद्य निषेध विभाग द्वारा दर्ज केस: 3,70,814
– पुलिस विभाग द्वारा दर्ज केस: 4,73,093

– *गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या:* 12,78,387
– मद्य निषेध विभाग द्वारा गिरफ्तार: 5,43,326
– पुलिस द्वारा गिरफ्तार: 7,36,061

– *जब्त किए गए वाहन:* 1,24,658
– मद्य निषेध विभाग द्वारा जब्त: 71,727
– पुलिस विभाग द्वारा जब्त: 97,929

तकनीकी संसाधनों का उपयोग

बिहार सरकार ने शराबबंदी के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने के लिए कई तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया है:
– *सैटेलाइट फोन:* 8
– *स्नीफर डॉग:* 33
– *स्पीड मोटरबोट:* 7
– *इनफ्लटेबल मोटरबोट:* 6
– *सर्वर ड्राइवेन ब्रेथ एनालाईज़र:* 890
– *हैंड हेल्ड स्कैनर चेकपोस्टों पर:* 8 चेकपोस्टों पर कार्यरत
– *ड्रोन:* जिलों में कुल 13 ड्रोन लगाए गए हैं।

ऑनलाइन निबंधन की पहल

मद्य निषेध विभाग ने ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन निबंधन लागू किया है। वर्तमान में *16* निबंधन ऑनलाइन प्रक्रिया में हैं।

मंत्री की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के शराबबंदी कानून को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के मध्य निषेध मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि “जीतन राम मांझी बड़े नेता हैं और उन्हें बड़े लोगों से बात करनी चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि लोग अपने घरों में शराब पीते हैं तो इस पर कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, जानकारी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।

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