बिहार में राजनीतिक तनाव, कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ किया आंदोलन की घोषणा
न्यूज़ लहर संवाददाता
पटना।बिहार में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। मंत्री रत्नेश सदा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से सवाल किया कि उनके माता-पिता के शासनकाल में बिहार में 118 नरसिंहगढ़ की घटनाएं हुई थीं, जिसका क्या जवाब है, जबकि तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से अपने सोशल मीडिया पर अपराध की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए नीतीश सरकार पर सवाल खड़ा किया है।
इसी बीच, बिहार प्रदेश कांग्रेस ने भी बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर पूरे राज्य में व्यापक जन आंदोलन चलाने की घोषणा की है। कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश ने कहा कि यह “संयुक्त महालूट योजना” है और जो सरकार लूटेरी है, वह सरकार बदलनी है।
कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
कांग्रेस पार्टी ने स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि 30 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में जिला संयोजकों के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसके बाद 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक प्रदेश के 13 जिलों में जागरूकता आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत नालंदा से होगी।
16 अक्टूबर को स्मार्ट मीटर प्रीपेड योजना के खिलाफ राज्यस्तरीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी तब तक चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी, जब तक राज्य सरकार पीछे हटने को विवश न हो जाए।
ऊर्जा मंत्री का पक्ष
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य में 50 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं और अगर किसी में गड़बड़ी होती तो पूरे राज्य में भारी आंदोलन शुरू हो जाता। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतें मिल रही हैं, जिनपर रोज़ाना काम हो रहा है। विपक्ष के आंदोलन और लोगों को स्मार्ट मीटर उखाड़ फेंकने पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी और पुलिस कार्रवाई करेगी।
ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि प्रीपेड मीटर लगते रहेंगे और 2025 तक सभी घरों में मीटर लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली के खिलाफ हैं और बिहार सरकार 15000 करोड़ रुपए लोगों को सब्सिडी देती है। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर राजनैतिक मुद्दा नहीं है और गांव में बिजली से लोग खुश हैं।