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पलामू जिले में दिल दहला देने वाली घटना:तंत्र सिद्धि के लिए महिला ने एक साल की बेटी की बलि दी, कलेजा निकाल कर अपने इष्ट को चढ़ाया 

 

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

 

झारखंड:पलामू जिले के खरारपर गांव में एक महिला ने तंत्र सिद्धि के लिए अपनी एक साल की बेटी की बलि दे दी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। आरोपी महिला, गीता देवी (30), ने अपनी बेटी परी का कलेजा निकालकर उसे मार डाला और उसके शव को मिट्टी में दफना दिया।

घटना का विवरण

 

स्थानीय पुलिस के अनुसार, गीता देवी ने मंगलवार की मध्य रात्रि को अपने घर से लगभग दो किलोमीटर दूर सिकनी बरवाढोड़ा जंगल में इस निर्मम हत्या को अंजाम दिया। इसके बाद, वह निर्वस्त्र होकर गांव में घूमने लगी, जिससे गांववालों में दहशत फैल गई। जब गीता देवी ने पड़ोसी का दरवाजा खटखटाया, तो पड़ोसी डरकर चिल्लाने लगा, जिसके बाद गांव के लोग इकट्ठा हुए।

परिवार का बयान

 

गीता देवी की सास, कौशल्या देवी, ने बताया कि उनकी पोती की हत्या उसी की माँ ने की है। गीता देवी ने पहले तो कहा कि उसने अपनी बेटी को 200 रुपये में बेच दिया है और फिर दावा किया कि किसी साधु ने उसे ले लिया।

 

पुलिस कार्रवाई

 

13 नवंबर को जब गांव के लोग गीता देवी को डराने-धमकाने लगे, तब उसने सच उगला कि उसने रात में ही परी की हत्या कर दी थी और शव को मिट्टी में छिपा दिया था। जब लोग मौके पर पहुंचे, तो बच्ची का शव मिट्टी में दबा हुआ मिला, जिसके सीने पर गहरा जख्म था।

चिकित्सकीय रिपोर्ट

 

डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची का कलेजा गायब था, जो इस बात की पुष्टि करता है कि गीता देवी ने सचमुच अपनी बेटी की बलि दी थी। ग्रामीणों के अनुसार, गीता मंगलवार से ही अपनी बेटी के साथ गायब थी, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा घिनौना अपराध कर सकती है।

 

निष्कर्ष

 

इस घटना ने समाज में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है। पुलिस ने गीता देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और मामले की जांच जारी है। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

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