बोकारो: माओवादियों की धमकी, चुनाव बहिष्कार के लिए जगह-जगह पोस्टर चिपकाए

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड:बोकारो जिले में भाकपा माओवादियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए एक बार फिर से दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बीती शाम पेंक नारायणपुर और नावाडीह थाना क्षेत्र के पलामू और सारुबेड़ा इलाकों में माओवादियों ने जगह-जगह पोस्टर चिपकाकर ग्रामीणों से चुनाव बहिष्कार की अपील की। इस घटना के बाद से इलाके में भय का वातावरण है, और ग्रामीण दहशत में हैं।
पोस्टर में क्या लिखा?
माओवादियों ने अपने पोस्टरों में वोट न देने की अपील की है। पोस्टरों में लिखा गया है:
1. “वोट क्यों? जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से बेदखल करने के लिए वोट का बहिष्कार करें।”
2. “मजदूरों, किसानों और उत्पीड़ित वर्गों से अपील है कि वे एकजुट होकर चुनावों का बहिष्कार करें।”
3. एक अन्य पोस्टर में माओवादियों ने नोटा (None of the Above) को ‘संसदीय व्यवस्था का मुखौटा’ बताया और इसे खारिज करने की अपील की।
4. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए लिखा गया, “किसान विरोधी कृषि कानून और मजदूर विरोधी श्रम कानून बनाने वाली फासीवादी बीजेपी को पहचानो। वोट मांगने आए तो मार भगाओ और इस फर्जी चुनाव का बहिष्कार करें।”
ग्रामीणों में दहशत
नावाडीह प्रखंड के ऊपरघाट इलाके के ग्रामीणों ने बताया कि दो व्यक्ति बाइक पर सवार होकर आए और कई स्थानों पर चुनाव विरोधी पोस्टर चिपकाकर चले गए। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब माओवादी चुनाव विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं। इससे पहले पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर क्षेत्र में भी माओवादियों ने मतदान वाले दिन ऐसी ही अपील की थी।
पुलिस की कार्रवाई
पोस्टर मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि माओवादियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और उन्हें पकड़ने के लिए सघन अभियान शुरू किया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
नोट: माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों से क्षेत्र में तनाव
इस घटना से स्पष्ट है कि माओवादी गुट अभी भी चुनावों के विरोध में सक्रिय हैं और अपने प्रोपेगेंडा के जरिए लोगों को वोटिंग से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।