एसेसमेंट एंड मॉनिटरिंग ऑफ बायोडायवर्सिटी वैल्यू इन सारंडा फारेस्ट डिवीजन पर मेघाहातुबुरु में दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन सर्वे 10 वर्षों तक चरणबद्ध चलेगा–स्मिता पंकज

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड।सारंडा वन प्रमंडल के डीएफओ अविरूप सिन्हा के नेतृत्व में असेसमेंट एंड मॉनिटरिंग ऑफ बायोडायवर्सिटी वैल्यू इन सारंडा फारेस्ट डिवीजन पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (सिंहभूम) स्मिता पंकज की अध्यक्षता में सामुदायिक भवन मेघाहातुबुरु में 5 दिसम्बर को किया गया।
सारंडा वन प्रमंडल के लगभग 820 वर्ग किलोमीटर के जंगल में जैव विविधता मूल्य का आकलन और निगरानी को लेकर मेघाहातुबुरु स्थित सामुदायिक भवन प्रांगण में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन समारोह क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (सिंहभूम) स्मिता पंकज की अध्यक्षता, वन संरक्षक,
चाईबासा सह जमशेदपुर शब्बा आलम अंसारी, सारंडा डीएफओ अविरुप सिन्हा एवं संलग्न पदाधिकारी आईएफएस नीतीश कुमार की मौजूदगी में तथा भारतीय वन्यजीव संस्था (देहरादून) के वैज्ञानिक रितेश कुमार गौतम, शोधकर्ता दीपेश कुमार जांगीर, पंकज कुमार सिंह और सुश्री निवेदिता पटनायक की देखरेख में आयोजित व सम्पन्न हुआ।
संबोधन में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (सिंहभूम) स्मिता पंकज ने कहा कि सारंडा में वन्यजीव का अध्ययन तकनीकी रूप से करना बहुत दिन से पेंडिंग था। यह बहुत बडा़ चैलेंज था जिसे डीएफओ अविरुप सिन्हा ने अपने हाथों में लिया है जो बधाई के पात्र हैं। आगे भी इस तरह के कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि 10 दिन का इस कार्यशाला में तमाम वैज्ञानिक तरीके से तकनीक सिखाया जायेगा। यह सर्वे 10 वर्षों तक चरणबद्ध चलेगा।
सारंडा डीएफओ अविरुप सिन्हा ने कहा कि बिना वन्यप्राणियों के सारंडा जंगल की ऐतिहासिक पहचान नहीं बन सकती है। वन्यप्राणियों की गणना भारतीय वन्यजीव संस्था (देहरादून) के माध्यम से की जा रही है। इस कार्यशाला में वन्यप्राणियों की गणना संबंधित प्लान औफ एक्शन, इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण आदि के बारे में जानकारी दिया जा रहा है। बिना वनकर्मियों की सक्रियता के बगैर यह रिसर्च कार्य पूर्ण नहीं हो सकता है।
इस कार्यशाला में ससंग्दा, गुवा, कोयना एवं समता वन क्षेत्र के पदाधिकारी व वनकर्मी, सेल, मेघाहातुबुरु के सीजीएम व अन्य अधिकारी, वन्य मित्र, मानकी-मुंडा व ग्रामीण शामिल हुये।इस कार्यशाला में सेल मेघाहातुबुरु के सीजीएम आर पी सेलबम, उप महाप्रबंधक मनोज कुमार, उप महाप्रबंधक संदीप भारद्वाज, आरएफओ, ससंग्दा शंकर भगत, आरएफओ गुआ परमानन्द रजक, आरएफओ कोयना राम नंदन राम, उप परिसर पदाधिकारी छोटेलाल मिश्रा, बलदेव हेम्ब्रम, सुनील सुंडी, शंकर पांडेय, सुमित कुमार, मोनिका पूर्ति आदि दर्जनों मौजूद थे।