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किसान आंदोलन, शिक्षा घोटाले और राजनीतिक गठजोड़ पर पप्पू यादव का तीखा बयान

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

पटना: जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने किसान आंदोलन, शिक्षा घोटाले, और बिहार की राजनीतिक स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश में किसान आंदोलन से किसी को कोई मतलब नहीं है, क्योंकि अब राजनीति धर्म, जाति और सांप्रदायिकता के इर्द-गिर्द घूम रही है।

किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया

 

पप्पू यादव ने कहा, “देश में किसान मर रहे हैं, लेकिन किसी को उनकी परवाह नहीं है। पंजाब, हरियाणा और यूपी के कुछ हिस्सों को छोड़कर किसी भी राज्य में किसानों के लिए कोई आवाज नहीं उठती। बिहार और बंगाल के किसानों की कोई सुनवाई नहीं है। यहां किसान अपने अधिकारों के लिए कभी लड़े ही नहीं, जबकि सरकार ने एमएसपी लागू करने का वादा किया था।”

शिक्षा घोटाले और बेरोजगारी पर निशाना

 

सीएचएफएल परीक्षा में कथित धांधली पर पप्पू यादव ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “शिक्षा माफिया और कोचिंग संस्थानों की मिलीभगत से छात्र अपने करियर से हाथ धो रहे हैं। 80,000 छात्र सर्वर डाउन होने के कारण परीक्षा फॉर्म भी नहीं भर पाए। यह पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। कोचिंग माफिया और बीपीएससी की साठगांठ ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।”

बिहार में अफसरशाही का राज

 

उन्होंने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “बिहार अब नीतीश कुमार का नहीं, बल्कि अफसरों के गठजोड़ से चलने वाला राज्य बन गया है। यहां नीति और नियत दोनों खराब हैं। सरकार की पूरी व्यवस्था अफसरशाही के हवाले हो चुकी है।”

 

ममता बनर्जी और विपक्षी एकता पर बयान

 

ममता बनर्जी के नेतृत्व और कांग्रेस से उनकी खटपट पर पप्पू यादव ने कहा, “ममता दीदी बड़ी नेता हैं। कांग्रेस और राहुल गांधी उनका सम्मान करते हैं। विपक्षी गठबंधन में सीटों के मुद्दे पर ममता दीदी को बड़ा दिल दिखाना चाहिए। गठबंधन सामूहिक सहयोग से ही चलता है।”

 

महाराष्ट्र में सपा का रुख

 

महाराष्ट्र में सपा के इंडिया गठबंधन से किनारा करने पर उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव एक समझदार नेता हैं। क्षेत्रीय मुद्दों के कारण उनका निर्णय हो सकता है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर वे कांग्रेस के साथ एनडीए की तानाशाही के खिलाफ खड़े हैं।”

 

नीतीश कुमार की यात्रा पर तंज

 

नीतीश कुमार की प्रस्तावित यात्रा पर कटाक्ष करते हुए पप्पू यादव ने कहा, “ठंड में यात्रा करने से बेहतर है कि नीतीश जी ठंड के बाद निकलें। ठंड में बाहर निकलने का कोई मतलब नहीं है।”

 

पप्पू यादव के इन बयानों ने बिहार की राजनीतिक हलचल को और गर्मा दिया है। विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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