जमशेदपुर में राशन वितरण एवं सहकारिता योजनाओं की समीक्षा बैठक, लापरवाही पर बीएसओ पोटका एवं गुड़ाबांदा को शो-कॉज

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड।जमशेदपुर स्थित समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में आपूर्ति एवं सहकारिता विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्यान्न वितरण, चना दाल/नमक/चीनी वितरण, डाकिया योजना, सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना सहित विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पाया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत खाद्यान्न वितरण राज्य के औसत से कम है। समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि कई राशनकार्डधारियों द्वारा लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं किया गया है। इस संदर्भ में बीएसओ पोटका और गुड़ाबांदा को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि छह माह से राशन नहीं उठा रहे कार्डधारियों का सत्यापन कर उनके कार्ड रद्द किए जाएं ताकि पात्र लाभुकों को राशनकार्ड जारी किया जा सके।
धान अधिप्राप्ति में प्रगति पर जोर
धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के लिए जिले में 46 अधिप्राप्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 40 कार्यरत हैं। उपायुक्त ने शेष छह केंद्रों को 31 दिसंबर 2024 तक शुरू करने का सख्त निर्देश दिया।
लाभुकों के लिए नमक और चीनी वितरण पर विशेष ध्यान
समीक्षा में नमक वितरण की स्थिति भी असंतोषजनक पाई गई। उपायुक्त ने समयबद्ध रूप से सभी कार्डधारियों के बीच नमक वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। चीनी वितरण में भी तेजी लाने के लिए पीडीएस विक्रेताओं को बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जल्द से जल्द उठाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
डाकिया योजना को लागू करने पर जोर
डाकिया योजना के तहत पीवीटीजी कार्डधारियों को हर माह के प्रथम सप्ताह में उनके घर तक खाद्यान्न पहुंचाने का निर्देश दिया गया। सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और पणन पदाधिकारियों को इसे प्राथमिकता से लागू करने को कहा गया।
बैठक में विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सहायक गोदाम प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।